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‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपने शब्दों में लिखिए।

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Question

‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपने शब्दों में लिखिए।

Very Long Answer
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Solution

माँ और ममता एक-दूसरे के पर्याय हैं। माँ के रोम रोम से ममता की झलक मिलती है। माँ का बच्चों के प्रति स्नेह अवर्णनीय होता है। वह अपने बच्चे की खुशी के लिए अपना सर्वस्व निछावर करने के लिए तत्पर रहती है। वह बचपन में रात-रात भर जागकर अपने बच्चे की देखभाल और सेवा करती है। माँ के लिए कोई अपना या पराया नहीं होता। उसके हृदय में जितना स्नेह अपने बच्चे के लिए होता है, उतना ही स्नेह दूसरे के बच्चों के लिए भी होता है। उसका हृदय विशाल होता है। उसमें सबके लिए एक जैसा प्यार होता है। माँ की सहनशीलता और क्षमाशीलता का कोई जोड़ नहीं होता। माता की करुणा किसी भी बालक पर उमड़ सकती है। यदि संतान को कहीं किसी कारण से विलंब हो जाए तो माता प्रतीक्षारत रहती है। वास्तव में जननी मानवी होकर भी जगज्जननी की ही प्रतिमूर्ति होती है। माता की ममता का कोई आरपार नहीं होता। हमारे यहाँ माता के उपकारों को देखते हुए उसे देवता के समान पूजनीय माना गया है ‘मातृ देवो भव।’

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
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Chapter 5.2: मध्ययुगीन काव्य - बाल लीला - अभिव्यक्ति [Page 25]

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Balbharati Hindi Yuvakbharati Standard 11 Maharashtra State Board
Chapter 5.2 मध्ययुगीन काव्य - बाल लीला
अभिव्यक्ति | Q 1 | Page 25
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