Advertisements
Advertisements
Question
बाल हठ और वात्सल्य के आधार पर सूर के पदों का रसास्वादन कीजिए।
Advertisements
Solution
संत कवि सूरदास ने 'बाल लीला' में बालक कृष्ण के बालहठ और माता यशोदा के वात्सल्य का अत्यंत सुंदर एवं स्वाभाविक चित्रण किया है। बालक कृष्ण चंदा को पाने का हठ कर रहे हैं और माता यशोदा उन्हें समझा रही हैं कि वे चंदा को पकड़ कर लाएँगी और उनके समक्ष लाकर हाजिर करेंगी वे चंदा को कृष्ण की तरह ही बालक मानकर उसे संबोधित करती हैं। इस पद में सूरदास जी ने चंदा का मानवीकरण करते हुए माता यशोदा से उसे एक बालक के रूप में संबोधित कराते हुए कहलवाया
है कि वह आ जाए, उसे उनका लाल कृष्ण बुला रहा है। कृष्ण उसे अपने साथ तरह-तरह के व्यंजन खिलाएगा। वह उसे हाथ पर लेकर खिलाएगा, जमीन पर भी नहीं उतारेगा। यशोदा बर्तन में पानी लेकर चंदा से उस पानी में शरीर धारण कर आ जाने के लिए कहती हैं। फिर पानी सहित वह बर्तन जमीन पर रखकर कृष्ण से दावे के साथ कहती हैं कि देखो, इस पानी में में चंदा को पकड़ लाई हूँ। उनके चंदा को पकड़ कर ले आने में बालक कृष्ण के प्रति उनके स्नेह के सुंदर दर्शन होते हैं।
इन पदों में कवि ने लोकगीतों की पद-शैली में अत्यंत सीधे-सादे और सरल शब्दों में बाल हठ और माता के वात्सल्य का सुंदर चित्रण किया है। प्रसाद एवं माधुर्य गुण कविता में स्पष्ट दिखाई देते हैं।
