English

गजल में प्रयुक्त विरोधाभास वाली दो पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए। - Hindi

Advertisements
Advertisements

Question

गजल में प्रयुक्त विरोधाभास वाली दो पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

विरोधाभास वाली पंक्ति :
दिल को सबसे बड़ा हरीफ समझ
और इस संग को खुदा भी मान ।।
कवि इस गजल में दिल को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानने के लिए कहते हैं। दूसरी तरफ वे इस पत्थर जैसे दिल को खुदा मानने के लिए भी कहते हैं। यह अपने आप में विरोधाभास है। वे दिल को दुश्मन इसलिए मानते हैं कि दिल में तरह-तरह की बातें (खुराफातें) आती रहती हैं। दिल की हर बात को माना नहीं जा सकता । वह हमें भटका सकता है। इसलिए उसे दुश्मन की तरह मान कर चलने के लिए कहा गया है। उसकी केवल अच्छी बात पर ही अमल करना चाहिए। उसी तरह दुश्मन द्वारा कही गई कोई अच्छी बात हो, तो हमें उसे भी मानना चाहिए।
दुश्मन रूपी पत्थर के दिल को कवि खुदा इसलिए मानने को कहते हैं, क्योंकि हृदय के बिना शरीर निर्जीव यानी शव के समान होता है। दिल में ही बुरे और अच्छे दोनों तरह के विचार आते हैं। हमें उसके अच्छे विचार ले लेने चाहिए। हम एक पत्थर को भगवान मानकर पूजते हैं। उसी तरह पत्थर रूपी दिल भी हमारे लिए पूज्य है। उसकी ईश्वर की तरह पूजा करनी चाहिए।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: गजलें (दोस्ती, मौजूद) - काव्य सौंदर्य [Page 48]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
Chapter 9 गजलें (दोस्ती, मौजूद)
काव्य सौंदर्य | Q 1 | Page 48

RELATED QUESTIONS

निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।


जानकारी दीजिए:
त्रिवेणी काव्य प्रकार की विशेषताएँ:

  1. ____________
  2. ____________

संकल्पना स्पष्ट कीजिए -

विषम श्रृंखलाएँ


लिखिए:


आशय लिखिए :

‘‘युग बंदिनी हवाएँ... टूट रहीं प्रतिमाएँ।’’


अंतर स्पष्ट कीजिए -

माया रस राम रस
................. .................

‘संत दादू के मतानुसार ईश्वर सबमें है’, इस आशय को व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका भावार्थ स्पष्ट कीजिए।


ईश्वर भक्ति तथा प्रेम के आधार पर साखी के प्रथम छह पदों का रसास्वादन कीजिए।


जानकारी दीजिए :

निर्गुण शाखा केसंत कवि 


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

उसेतो मछुवे पर दया करना चाहिए था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

वह निर्भीक व्यक्ती देश में सुधार करता घूमता था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

तूम नेदीपक जेब मेंक्यों रख लिया?


यशोदा अपने पुत्र को शांत करते हुए कहती है −

.........................................................

.........................................................


लिखिए :

निम्नलिखित शब्दों से संबंधित पद में समाहित एक-एक पंक्ति लिखिए -

(१) फल : __________________

(२) व्यंजन : __________________

(३) पान : __________________


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास की रचनाओं के प्रमुख विषय - ________________________


जो कुछ भी मेरा है वह तुम्हें प्यारा है, इस पंक्ति से कवि का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।


जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है, जितना भी उँडेलताहूँ, भर-भर फिर आता है,' इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।


जानकारी दीजिए :
मुक्तिबोध जी का साहित्य।


अलंकार पहचानकर लिखिए :
कूलन में केलिन में, कछारन में, कुंजों में
क्यारियों में, कलि-कलीन में बगरो बसंत है।


अलंकार पहचानकर लिखिए :
के-रख की नूपुर-ध्वनि सुन।
जगती-जगती की मूक प्यास।


उत्तर लिखिए:

‘मारीच’ से बना शब्द ____________


‘स्वागत है’ कविता में ‘डर’ का भाव व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर अर्थ लिखिए।


जानकारी दीजिए :

अन्य प्रवासी साहित्यकारों के नाम -


लिखिए:
गजलकार के अनुसार दोस्ती का अर्थ


'कागज की पोशाक शब्द की प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए।


आधुनिक युग में बढ़ती प्रदर्शन प्रवृत्ति ' विषय पर अपने
विचार लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×