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प्रश्न
गजल में प्रयुक्त विरोधाभास वाली दो पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए।
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उत्तर
विरोधाभास वाली पंक्ति :
दिल को सबसे बड़ा हरीफ समझ
और इस संग को खुदा भी मान ।।
कवि इस गजल में दिल को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानने के लिए कहते हैं। दूसरी तरफ वे इस पत्थर जैसे दिल को खुदा मानने के लिए भी कहते हैं। यह अपने आप में विरोधाभास है। वे दिल को दुश्मन इसलिए मानते हैं कि दिल में तरह-तरह की बातें (खुराफातें) आती रहती हैं। दिल की हर बात को माना नहीं जा सकता । वह हमें भटका सकता है। इसलिए उसे दुश्मन की तरह मान कर चलने के लिए कहा गया है। उसकी केवल अच्छी बात पर ही अमल करना चाहिए। उसी तरह दुश्मन द्वारा कही गई कोई अच्छी बात हो, तो हमें उसे भी मानना चाहिए।
दुश्मन रूपी पत्थर के दिल को कवि खुदा इसलिए मानने को कहते हैं, क्योंकि हृदय के बिना शरीर निर्जीव यानी शव के समान होता है। दिल में ही बुरे और अच्छे दोनों तरह के विचार आते हैं। हमें उसके अच्छे विचार ले लेने चाहिए। हम एक पत्थर को भगवान मानकर पूजते हैं। उसी तरह पत्थर रूपी दिल भी हमारे लिए पूज्य है। उसकी ईश्वर की तरह पूजा करनी चाहिए।
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