Advertisements
Advertisements
प्रश्न
'अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है’, इस उक्ति पर अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
उत्तर
मनुष्य के अंदर सद् और असद् दो वृत्तियाँ होती हैं। सद् का अर्थ है अच्छा और असद् का अर्थ है जो अच्छा न हो यानी बुरा। अहंकार मनुष्य की बुरी वृत्ति है। अहंकारी मनुष्य को अच्छे और बुरे का विवेक नहीं होता। वह अपने घमंड में चूर रहता है और अपना भला-बुरा भी भूल जाता है। अहंकारी मनुष्य को अपनी गलती का अहसास तब होता है, जब उसकी की गई गलतियों का परिणाम उसके सामने आता है। अहंकार का परिणाम बहुत बुरा होता है। इसके कारण बड़े-बड़े ज्ञानी पुरुषों को भी मुँह की खानी पड़ती है। रावण जैसा महाज्ञानी पंडित भी अपने अहंकार। के कारण अपने कुल-परिवार सहित नष्ट हो गया। अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है और उसकी मंजिल है दारुण दुख। इसलिए मनुष्य को अहंकार का मार्ग त्यागकर प्रेम और सद्गुण का मार्ग अपनाना चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ममत्व का भाव प्रकट करने वाली कोई भी एक त्रिवेणी ढूँढ़कर उसका अर्थ लिखिए।
आधुनिक जीवन शैली के कारण निर्मित समस्याओं से जूझने की प्रेरणा इन त्रिवेणियों से मिलती है, स्पष्ट कीजिए।
जानकारी दीजिए:
त्रिपुरारि जी की अन्य रचनाएँ - __________________
संकल्पना स्पष्ट कीजिए -
विषम श्रृंखलाएँ
संकल्पना स्पष्ट कीजिए -
युग बंदिनी हवाएँ
आशय लिखिए:
‘‘ऊँची हुई मशाल हमारी......हमारा घर है।’’
लिखिए -
‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________
सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए:
(१) काहै को दुख देखिए
(२) बिरला
सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए –
(१) पाती प्रेम की
(२) साईं
‘संत दादू के मतानुसार ईश्वर सबमें है’, इस आशय को व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका भावार्थ स्पष्ट कीजिए।
‘प्रेम और स्नेह मनुष्य जीवन का आधार है’, इस संदर्भ में अपना मत लिखिए।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
तुम जूठेसाबित होगा।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
इसकी काम आएगा।
यशोदा अपने पुत्र को शांत करते हुए कहती है −
.........................................................
.........................................................
निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए −
‘‘रचि पिराक, लड्डू, दधि आनौ।
तुमकौं भावत पुरी सँधानौं।।’’
जानकारी दीजिए :
संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
घटनाक्रम के अनुसार लिखिए -
- मीठे पानी का सोता है।
- ममता के बादल कीं मँड़राती कोमलता-भीतर पिराती है।
- सभी वह तुम्हारे ही कारण के कार्यों का घेरा है, कार्यों का वैभव है।
- जितना भी उँड़ेलता हूँ, भर-भर फिर आता है।
नई कविता का भाव तथा भाषाई विशेषताओं के आधार पर रसास्वादन कीजिए।
उत्तर लिखिए:
‘स्वागत है’ काव्य मेंदी गई सलाह। ______
उत्तर लिखिए:
‘मारीच’ से बना शब्द ____________
जानकारी दीजिए :
प्रवासी साहित्य की विशेषता -
लिखिए:
प्रकृति से संबंधित शब्द तथा उनके लिए कविता में आए संदर्भ
| शब्द |
संदर्भ |
'कागज की पोशाक शब्द की प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए।
जल में निहित जीवन के विविध भावों को आत्मसात करते हुए रसास्वादन कीजिए।
