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प्रश्न
‘प्रेम और स्नेह मनुष्य जीवन का आधार है’, इस संदर्भ में अपना मत लिखिए।
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उत्तर
प्रेम और स्नेह से बढ़कर इस संसार मनुष्य के लिए और कोई अच्छी बात नही हो सकती। जीवन को तनाव रहित और सामान्य बनाए रखने में प्रेम और स्नेह महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते है। सभी मनुष्य एक ही ईश्वर की संतान हैं। सब में ईश्वर का अंश होता है। इसलिए हमें सब के साथ प्रेमपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। प्रेमपूर्ण व्यवहार से शत्रु भी मित्र बन जाते हैं। जन्म से न कोई किसी का मित्र होता है न कोई किसी का शत्रु। हम अपने प्रेम और स्नेह से ही किसी से नजदीकी अथवा दूरी बनाते हैं। अर्थात किसी से प्रेम करने लगते हैं या किसी से नफरत करने लगते हैं। अनेक संतों और विद्वानों ने प्रेम की महत्ता बताई है और हमें प्रेम से रहने की शिक्षा दी है। संत कबीर कहते हैं - 'पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय।' इस तरह प्रेम और स्नेह सुख-चैन से शांतिपूर्ण जीवन जीने का आधार है। प्रेम बहुत नाजुक होता है। हमें इस प्रेम और स्नेह को सदा बनाए रखना चाहिए।
