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प्रश्न
संकल्पना स्पष्ट कीजिए -
नये स्वर्ग का प्रथम चरण
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उत्तर
संकल्पना : स्वर्ग का अर्थ है वह स्थान जहाँ बहुत सुख मिले और किसी प्रकार का कष्ट न हो। हमें अभी-अभी स्वतंत्रता मिली है। कवि इस स्वतंत्रता की स्वर्ग से तुलना करते हुए कहते हैं कि यह स्वतंत्रता का आरंभिक काल है। हमें इस स्वतंत्रता को स्वर्ग के समान बनाना है, जिसमें सुख- समृद्धि और लोगों में भाईचारे की भावना हो। इस पंक्ति से कवि ने इसी ओर संकेत किया है।
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| ................. | ................. |
सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए:
(१) काहै को दुख देखिए
(२) बिरला
‘संत दादू के मतानुसार ईश्वर सबमें है’, इस आशय को व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका भावार्थ स्पष्ट कीजिए।
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निर्गुण शाखा केसंत कवि
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संत दादू के साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
उसेतो मछुवे पर दया करना चाहिए था।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
उसे तुम्हारे शक्ती पर विश्वास हो गया।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।
यशोदा अपने पुत्र को शांत करते हुए कहती है −
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‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपने शब्दों में लिखिए।
जानकारी दीजिए :
संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
घटनाक्रम के अनुसार लिखिए -
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जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है, जितना भी उँडेलताहूँ, भर-भर फिर आता है,' इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
जीवन में अत्यधिक मोह से अलग होने की आवश्यकता है,इस वाक्य में व्यक्त भाव प्रकट कीजिए।
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‘‘यह तो तब था, घास ही पत्थर
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उपर्युक्त पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
‘स्वागत है’ कविता में ‘डर’ का भाव व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर अर्थ लिखिए।
गजल में प्रयुक्त विरोधाभास वाली दो पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए।
जल में निहित जीवन के विविध भावों को आत्मसात करते हुए रसास्वादन कीजिए।
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डॉ. राहत इंदौरी जी की गजलों की विशेषताएँ।
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