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प्रश्न
जानकारी दीजिए :
निर्गुण शाखा केसंत कवि
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उत्तर
निर्गुण भक्ति शाखा दो शाखाओं में विभाजित थी। एक ज्ञानाश्रयी शाखा और दूसरी प्रेममार्गी शाखा। निर्गुण भक्ति ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि कबीर, रैदास, दादू दयाल, नानक तथा मलूकदास आदि हैं। इन कवियों ने निर्गुण निराकार ईश्वर की उपासना पर जोर दिया। उनकी भाषा सीधी-सादी बोलचाल की भाषा है।
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