Advertisements
Advertisements
प्रश्न
जीवन की सर्वोत्तम पूँजी मित्रता है,' इस पर अपना मंतव्य
लिखिए।
Advertisements
उत्तर
हर व्यक्ति किसी-न-किसी से मित्रता अवश्य करता है। चाहे वह किसी मनुष्य से करे, चाहे ईश्वर से करे, चाहे अपने। संबंधियों से करे या फिर किसी जानवर से करे। पर एक निष्ठावान मित्रता ईश्वर की देन होती है। मित्रता मनुष्य का सहारा होती है। मित्र के साथ हम अपने मन की बातें कर सकते हैं। परेशानियों से निपटने का उपाय सोच सकते हैं। सच्चा मित्र सदा जरूरत के समय काम आता है और अपने उपकार का कहीं जिक्र नहीं करता। ऐसा मित्र परिवार का सदस्य बन जाता है। मित्रता मछली और पानी जैसी होनी चाहिए। मित्रता फूल और भ्रमर जैसी होनी चाहिए। जो मित्र हमें बुरे मार्ग पर चलने से रोकता है, हितकारी कार्यों में लगाता है, हमारे गुणों को प्रकट करता है तथा हमारी विपत्ति के समय सहायता करता है, सही मायने में वही सच्चा मित्र होता है। ऐसे सच्चे मित्र सौभाग्य से मिलते हैं। सच्चा मित्र किसी खजाने से कम नहीं होता। भगवान कृष्ण और गरीब सुदामा की मित्रता तथा कर्ण और दुर्योधन की मित्रता प्रसिद्ध है। इस तरह जीवन में मित्रता का बहुत महत्त्व है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आधुनिक जीवन शैली के कारण निर्मित समस्याओं से जूझने की प्रेरणा इन त्रिवेणियों से मिलती है, स्पष्ट कीजिए।
जानकारी दीजिए:
त्रिपुरारि जी की अन्य रचनाएँ - __________________
संकल्पना स्पष्ट कीजिए -
युग बंदिनी हवाएँ
आशय लिखिए :
‘‘युग बंदिनी हवाएँ... टूट रहीं प्रतिमाएँ।’’
जानकारी दीजिए :
गिरिजाकुमार माथुर जी केकाव्यसंग्रह -
लिखिए -
‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________
सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए:
(१) काहै को दुख देखिए
(२) बिरला
‘‘जिनकी रख्या तूँ करैं ते उबरे करतार’’, इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
जानकारी दीजिए :
निर्गुण शाखा केसंत कवि
जानकारी दीजिए :
संत दादू के साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
गर्जना गुज बनकर रह गई।
लिखिए :
निम्नलिखित शब्दों से संबंधित पद में समाहित एक-एक पंक्ति लिखिए -
(१) फल : __________________
(२) व्यंजन : __________________
(३) पान : __________________
निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए −
‘‘रचि पिराक, लड्डू, दधि आनौ।
तुमकौं भावत पुरी सँधानौं।।’’
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
घटनाक्रम के अनुसार लिखिए -
- मीठे पानी का सोता है।
- ममता के बादल कीं मँड़राती कोमलता-भीतर पिराती है।
- सभी वह तुम्हारे ही कारण के कार्यों का घेरा है, कार्यों का वैभव है।
- जितना भी उँड़ेलता हूँ, भर-भर फिर आता है।
अपनी जिंदगी को सहर्ष स्वीकारना चाहिए' इस कथन परअपने विचार लिखिए।
नई कविता का भाव तथा भाषाई विशेषताओं के आधार पर रसास्वादन कीजिए।
जानकारी दीजिए :
मुक्तिबोध जी की कविताओं की विशेषताएँ।
उत्तर लिखिए:
‘स्वागत है’ काव्य मेंदी गई सलाह। ______
उत्तर लिखिए:
‘मारीच’ से बना शब्द ____________
‘‘यह तो तब था, घास ही पत्थर
पत्थर में प्राण हमनेडाले।।’’
उपर्युक्त पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।
‘विश्वबंधुत्व आज के समय की आवश्यकता’, इसपर अपने विचार लिखिए ।
जानकारी दीजिए :
अन्य प्रवासी साहित्यकारों के नाम -
लिखिए:
प्रकृति से संबंधित शब्द तथा उनके लिए कविता में आए संदर्भ
| शब्द |
संदर्भ |
गजल में प्रयुक्त विरोधाभास वाली दो पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए।
जानकारी दीजिए:
डॉ. राहत इंदौरी जी की गजलों की विशेषताएँ।
