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प्रश्न
'कागज की पोशाक शब्द की प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
कवि 'मौजूद ' गजल में एक ऐसे कातिल से बचकर रहने के लिए कहते हैं, जो लोगों को भड़काने वाले छपे हुए विपर्चे, पैंफलेट, पुस्तिकाएँ तथा अखबारों में छपी हुई ऐसी खबरें वितरित करता है, जिनमें जाति, धर्म तथा देश के नाम पर आपस में विद्वेष फैलाने वाली भड़काऊ बातें लिखी होती हैं, जिनसे उत्तेजित होकर लोग आपस में लड़कर कट-मर जाने को तैयार हो जाते हैं।
में यहाँ कवि ने भारी मात्रा में पों, पैंफलेटों, पुस्तिकाओं है. तथा अखबारों की कतरनों को कातिल की पोशाक का रूप दिया है। कवि भड़काऊ समाचारोंवाले इन कागजों को कातिल की पोशाक के रूप में देखते हैं। इसलिए पर्चे, पैंफलेट, पुस्तिकाएँ, अखबारों की कतरनें आदि कागज यहाँ कातिल की पोशाक के प्रतीक हैं।
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