हिंदी

‘विश्वबंधुत्व आज के समय की आवश्यकता’, इसपर अपने विचार लिखिए ।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘विश्वबंधुत्व आज के समय की आवश्यकता’, इसपर अपने विचार लिखिए ।

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

विश्वबंधुत्व आज के समय की आवश्यकता है। यह अवधारणा भारतीय मनीषियों के सूत्र वसुधैव कुटुंबकम् पर आधारित है। जो शाश्वत तो है ही, व्यापक एवं उदार नैतिक मूल्यों पर आधारित भी है। इसमें किसी प्रकार की संकीर्णता के लिए कोई स्थान नहीं है। सहिष्णुता इसकी अनिवार्य शर्त है। आज वैश्वीकरण का युग है। विश्व की बढ़ती जनसंख्या के कारण संसाधनों और उत्पादों की त्वरित प्राप्ति के लिए परस्पर एक-दूसरे के सहअस्तित्व की भावना को बढ़ावा मिला है। किसी भी देश की छोटी-बड़ी प्रत्येक गतिविधि का प्रभाव आज संसार के सभी देशों पर किसी-न किसी रूप में अवश्य पड़ता है। परिणामस्वरूप सभी देश यह अनुभव करने लगे हैं कि पारस्परिक सहयोग, स्नेह, सद्भावना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भाईचारे के बिना अब उनका काम नहीं चलेगा। संसाधनों की बढ़ती माँग और उसकी पूर्ति के प्रयासों ने पारस्परिक दूरियों को समाप्त कर दिया है। फलस्वरूप विश्व बंधुत्व का विशाल दृष्टिकोण वर्तमान स्थितियों का महत्त्वपूर्ण परिचायक बन गया है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: स्वागत है ! - अभिव्यक्ति [पृष्ठ ३७]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
अध्याय 7 स्वागत है !
अभिव्यक्ति | Q 1 | पृष्ठ ३७

संबंधित प्रश्न

ममत्व का भाव प्रकट करने वाली कोई भी एक त्रिवेणी ढूँढ़कर उसका अर्थ लिखिए।


संकल्पना स्पष्ट कीजिए -

विषम श्रृंखलाएँ


स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझते हुए प्रस्तुत गीत का रसास्वादन कीजिए।


जानकारी दीजिए :

‘तार सप्तक’ केदो कवियों के नाम -


लिखिए -

‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

उसेतो मछुवे पर दया करना चाहिए था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

गर्जना गुज बनकर रह गई।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

तुम जूठेसाबित होगा।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

इसकी काम आएगा।


लिखिए :

निम्नलिखित शब्दों से संबंधित पद में समाहित एक-एक पंक्ति लिखिए -

(१) फल : __________________

(२) व्यंजन : __________________

(३) पान : __________________


निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए −

‘‘जलपुट आनि धरनि पर राख्यौ।

गहि आन्यौ वह चंद दिखावै।।’’


निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए −

‘‘रचि पिराक, लड्‌डू, दधि आनौ।

तुमकौं भावत पुरी सँधानौं।।’’


‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपने शब्दों में लिखिए।


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास की रचनाओं के प्रमुख विषय - ________________________


जानकारी दीजिए :
मुक्तिबोध जी की कविताओं की विशेषताएँ।


निम्नलिखित अलंकारों से युक्त पंक्तियाँ लिखिए :
वक्रोक्ति -


उत्तर लिखिए :

प्रथम स्वागत करते हुए दिलाया विश्वास ____________


उत्तर लिखिए:

‘मारीच’ से बना शब्द ____________


गिरमिटियों की भावना तथा कवि की संवेदना को समझते हुए कविता का रसास्वादन कीजिए।


लिखिए:
कवि ने इनसे सावधान किया है 


लिखिए:
प्रकृति से संबंधित शब्द तथा उनके लिए कविता में आए संदर्भ

शब्द

संदर्भ

   
   
   
   

'कागज की पोशाक शब्द की प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए।


जीवन की सर्वोत्तम पूँजी मित्रता है,' इस पर अपना मंतव्य
लिखिए।


जल में निहित जीवन के विविध भावों को आत्मसात करते हुए रसास्वादन कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×