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प्रश्न
‘विश्वबंधुत्व आज के समय की आवश्यकता’, इसपर अपने विचार लिखिए ।
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उत्तर
विश्वबंधुत्व आज के समय की आवश्यकता है। यह अवधारणा भारतीय मनीषियों के सूत्र वसुधैव कुटुंबकम् पर आधारित है। जो शाश्वत तो है ही, व्यापक एवं उदार नैतिक मूल्यों पर आधारित भी है। इसमें किसी प्रकार की संकीर्णता के लिए कोई स्थान नहीं है। सहिष्णुता इसकी अनिवार्य शर्त है। आज वैश्वीकरण का युग है। विश्व की बढ़ती जनसंख्या के कारण संसाधनों और उत्पादों की त्वरित प्राप्ति के लिए परस्पर एक-दूसरे के सहअस्तित्व की भावना को बढ़ावा मिला है। किसी भी देश की छोटी-बड़ी प्रत्येक गतिविधि का प्रभाव आज संसार के सभी देशों पर किसी-न किसी रूप में अवश्य पड़ता है। परिणामस्वरूप सभी देश यह अनुभव करने लगे हैं कि पारस्परिक सहयोग, स्नेह, सद्भावना, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भाईचारे के बिना अब उनका काम नहीं चलेगा। संसाधनों की बढ़ती माँग और उसकी पूर्ति के प्रयासों ने पारस्परिक दूरियों को समाप्त कर दिया है। फलस्वरूप विश्व बंधुत्व का विशाल दृष्टिकोण वर्तमान स्थितियों का महत्त्वपूर्ण परिचायक बन गया है।
