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जानकारी दीजिए : अन्य प्रवासी साहित्यकारों के नाम -

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प्रश्न

जानकारी दीजिए :

अन्य प्रवासी साहित्यकारों के नाम -

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उत्तर

(१) जोगिंदर सिंह कंवल
(२) स्नेहा ठाकूर
(३) बासुदेव विष्णुदयाल
(४) रामदेव धुरंधर
(५) अभिमन्यु अनत
(६) ब्रजेंद्र कुमार भगत मधुकर
(७) सोमदत्त बखोरी
(८) बेनीमाधो रामखेलावन

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पद्य (Poetry) (11th Standard)
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अध्याय 7: स्वागत है ! - साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान [पृष्ठ ३८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
अध्याय 7 स्वागत है !
साहित्य संबंधी सामान्य ज्ञान | Q 2 | पृष्ठ ३८

संबंधित प्रश्न

निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।


आधुनिक जीवन शैली के कारण निर्मित समस्याओं से जूझने की प्रेरणा इन त्रिवेणियों से मिलती है, स्पष्ट कीजिए।


जानकारी दीजिए:
त्रिवेणी काव्य प्रकार की विशेषताएँ:

  1. ____________
  2. ____________

लिखिए:


आशय लिखिए :

‘‘युग बंदिनी हवाएँ... टूट रहीं प्रतिमाएँ।’’


‘संत दादू के मतानुसार ईश्वर सबमें है’, इस आशय को व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका भावार्थ स्पष्ट कीजिए।


‘प्रेम और स्नेह मनुष्य जीवन का आधार है’, इस संदर्भ में अपना मत लिखिए।


जानकारी दीजिए :

निर्गुण शाखा केसंत कवि 


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

उसे तुम्हारे शक्ती पर विश्वास हो गया।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

गर्जना गुज बनकर रह गई।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

तुम जूठेसाबित होगा।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

इसकी काम आएगा।


निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए −

‘‘रचि पिराक, लड्‌डू, दधि आनौ।

तुमकौं भावत पुरी सँधानौं।।’’


बाल हठ और वात्सल्य के आधार पर सूर के पदों का रसास्वादन कीजिए।


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास की रचनाओं के प्रमुख विषय - ________________________


जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है, जितना भी उँडेलताहूँ, भर-भर फिर आता है,' इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।


अपनी जिंदगी को सहर्ष स्वीकारना चाहिए' इस कथन परअपने विचार लिखिए।


जीवन में अत्यधिक मोह से अलग होने की आवश्यकता है,इस वाक्य में व्यक्त भाव प्रकट कीजिए।


जानकारी दीजिए :
मुक्तिबोध जी की कविताओं की विशेषताएँ।


अलंकार पहचानकर लिखिए :
कूलन में केलिन में, कछारन में, कुंजों में
क्यारियों में, कलि-कलीन में बगरो बसंत है।


अलंकार पहचानकर लिखिए :
के-रख की नूपुर-ध्वनि सुन।
जगती-जगती की मूक प्यास।


उत्तर लिखिए:

‘स्वागत है’ काव्य मेंदी गई सलाह। ______


लिखिए:
प्रकृति से संबंधित शब्द तथा उनके लिए कविता में आए संदर्भ

शब्द

संदर्भ

   
   
   
   

गजल में प्रयुक्त विरोधाभास वाली दो पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए।


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