हिंदी

यशोदा अपने पुत्र को शांत करते हुए कहती है − ......................................................... .........................................................

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

यशोदा अपने पुत्र को शांत करते हुए कहती है −

.........................................................

.........................................................

दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर

यशोदा अपने नटखट कृष्ण को शान्त करने के लिए बार-बार चन्द्रमा को पुकारती हैं, “आओ चाँद, मेरा लाल तुम्हें बुला रहा है; वह तुम्हें मधु-मेवा, पकवान व मिठाई खिलाएगा, तुम्हें हाथ पर उठाकर खेलेगा, धरती पर नहीं बैठाएगा।” वह पानी से भरा बर्तन (जल-बासन) उठाकर कहती हैं, “हे चंदा, इसी जल में रूप धर कर आ जाओ।” फिर वही पानी/जलपुट धरती पर रखकर उसमें पड़े चन्द्रमा के प्रतिबिम्ब को कृष्ण को दिखाती हैं, “देखो, मैं चाँद पकड़ लाई हूँ।” यह देखकर कृष्ण मुसकरा उठते हैं और ताली बजाते/नाचते हैं।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 5.2: मध्ययुगीन काव्य - बाल लीला - आकलन [पृष्ठ २५]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
अध्याय 5.2 मध्ययुगीन काव्य - बाल लीला
आकलन | Q 1 | पृष्ठ २५
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×