यशोदा अपने नटखट कृष्ण को शान्त करने के लिए बार-बार चन्द्रमा को पुकारती हैं, “आओ चाँद, मेरा लाल तुम्हें बुला रहा है; वह तुम्हें मधु-मेवा, पकवान व मिठाई खिलाएगा, तुम्हें हाथ पर उठाकर खेलेगा, धरती पर नहीं बैठाएगा।” वह पानी से भरा बर्तन (जल-बासन) उठाकर कहती हैं, “हे चंदा, इसी जल में रूप धर कर आ जाओ।” फिर वही पानी/जलपुट धरती पर रखकर उसमें पड़े चन्द्रमा के प्रतिबिम्ब को कृष्ण को दिखाती हैं, “देखो, मैं चाँद पकड़ लाई हूँ।” यह देखकर कृष्ण मुसकरा उठते हैं और ताली बजाते/नाचते हैं।
Advertisements
Advertisements
प्रश्न
यशोदा अपने पुत्र को शांत करते हुए कहती है −
.........................................................
.........................................................
Advertisements
उत्तर
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
जानकारी दीजिए:
त्रिपुरारि जी की अन्य रचनाएँ - __________________
आशय लिखिए :
‘‘युग बंदिनी हवाएँ... टूट रहीं प्रतिमाएँ।’’
स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझते हुए प्रस्तुत गीत का रसास्वादन कीजिए।
‘‘जिनकी रख्या तूँ करैं ते उबरे करतार’’, इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
‘संत दादू के मतानुसार ईश्वर सबमें है’, इस आशय को व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका भावार्थ स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
गर्जना गुज बनकर रह गई।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
हमारा तो सबसे प्रीती है।
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए −
‘‘जलपुट आनि धरनि पर राख्यौ।
गहि आन्यौ वह चंद दिखावै।।’’
‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपने शब्दों में लिखिए।
बाल हठ और वात्सल्य के आधार पर सूर के पदों का रसास्वादन कीजिए।
जानकारी दीजिए :
संत सूरदास की रचनाओं के प्रमुख विषय - ________________________
सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :
घटनाक्रम के अनुसार लिखिए -
- मीठे पानी का सोता है।
- ममता के बादल कीं मँड़राती कोमलता-भीतर पिराती है।
- सभी वह तुम्हारे ही कारण के कार्यों का घेरा है, कार्यों का वैभव है।
- जितना भी उँड़ेलता हूँ, भर-भर फिर आता है।
निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
जो कुछ निद्रित अपलक है, वह तुम्हारा असंवेदन है।
जो कुछ भी मेरा है वह तुम्हें प्यारा है, इस पंक्ति से कवि का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।
अपनी जिंदगी को सहर्ष स्वीकारना चाहिए' इस कथन परअपने विचार लिखिए।
नई कविता का भाव तथा भाषाई विशेषताओं के आधार पर रसास्वादन कीजिए।
जानकारी दीजिए :
मुक्तिबोध जी का साहित्य।
अलंकार पहचानकर लिखिए :
कूलन में केलिन में, कछारन में, कुंजों में
क्यारियों में, कलि-कलीन में बगरो बसंत है।
निम्नलिखित अलंकारों से युक्त पंक्तियाँ लिखिए :
श्लेष-
उत्तर लिखिए:
‘स्वागत है’ काव्य मेंदी गई सलाह। ______
लिखिए:
गजलकार के अनुसार दोस्ती का अर्थ
जानकारी दीजिए:
अन्य गजलकारों के नाम।
