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जो कुछ भी मेरा है वह तुम्हें प्यारा है, इस पंक्ति से कवि का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

जो कुछ भी मेरा है वह तुम्हें प्यारा है, इस पंक्ति से कवि का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

कवि का जो कुछ है वह उसकी प्रिय को अच्छा लगता है। उसकी जो भी उपलब्धियाँ हैं, वे सब उसकी प्रिय को प्रिय हैं। कवि ने हर सुख-दुख, सफलता-असफलता को प्रसन्नतापूर्वक इसलिए स्वीकार किया है, क्योंकि प्रिय ने उन सबको अपना माना है। कवि उसका समर्थन महसूस करता है। कवि की प्रिया उसके जीवन से पूरी तरह जुड़ी है।

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पद्य (Poetry) (11th Standard)
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अध्याय 12: सहर्ष स्वीकारा है - काव्य सौंदर्य [पृष्ठ ६३]

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बालभारती Hindi Yuvakbharati Standard 11 Maharashtra State Board
अध्याय 12 सहर्ष स्वीकारा है
काव्य सौंदर्य | Q 1 | पृष्ठ ६३
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