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प्रश्न
आशय लिखिए:
‘‘ऊँची हुई मशाल हमारी......हमारा घर है।’’
विस्तार में उत्तर
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उत्तर
इन पंक्तियों में कवि ने स्वतंत्रता के पश्चात सामने आई चुनौतियों को उजागर किया है। कवि कहते हैं कि आज़ादी रूपी क्रांति की मशाल हमारे हाथों में है, लेकिन आगे का रास्ता अभी भी कठिन और संघर्षपूर्ण है।
यद्यपि विदेशी शासक भारत छोड़ चुके हैं, लेकिन उनके द्वारा छोड़ी गई बुराइयों, शोषण, गरीबी और सामाजिक असमानताओं की छाया आज भी हमारे समाज पर मंडरा रही है।
शोषण से समाज मरणासन्न स्थिति में है और आर्थिक-सामाजिक दृष्टि से देश बहुत कमजोर है। फिर भी कवि को नई ज़िंदगी और उज्जवल भविष्य की उम्मीद है। वे कहते हैं कि यह समय सजग और सतर्क रहने का है ताकि हम स्वतंत्रता की रक्षा कर सकें और देश को सही दिशा में आगे ले जा सकें।
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पद्य (Poetry) (11th Standard)
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