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‘स्वागत है’ कविता में ‘डर’ का भाव व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर अर्थ लिखिए। - Hindi

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Question

‘स्वागत है’ कविता में ‘डर’ का भाव व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर अर्थ लिखिए।

Short/Brief Note
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Solution

पनिया-जहाज पर कौन बनेगा अब भैया, बड़ा डर लग रहा है उससे तो कहीं पुनः दोबारा न दे इतिहास हमारा इस-उस धरती पर बिखर न जाएँ।
अर्थ : पानी के जहाज पर अब कोई देशवासी नहीं चढ़ना चाहेगा। सबको बड़ा डर लग रहा है। कहीं ऐसा न हो कि किस्मत उसी इतिहास को फिर से न दोहराने लगे। ऐसा न हो कि अपने आत्मीयों को खोजते हुए हम अलग-अलग देशों की धरती पर पहुँच जाएँ।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
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Chapter 7: स्वागत है ! - काव्य सौंदर्य [Page 37]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
Chapter 7 स्वागत है !
काव्य सौंदर्य | Q 2 | Page 37

RELATED QUESTIONS

ममत्व का भाव प्रकट करने वाली कोई भी एक त्रिवेणी ढूँढ़कर उसका अर्थ लिखिए।


निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।


आशय लिखिए:

‘‘ऊँची हुई मशाल हमारी......हमारा घर है।’’


‘देश के विकास में युवकों का योगदान’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए।


स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझते हुए प्रस्तुत गीत का रसास्वादन कीजिए।


लिखिए -

‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

उसेतो मछुवे पर दया करना चाहिए था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

वह निर्भीक व्यक्ती देश में सुधार करता घूमता था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

हमारा तो सबसे प्रीती है।


निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए −

‘‘जलपुट आनि धरनि पर राख्यौ।

गहि आन्यौ वह चंद दिखावै।।’’


निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए −

‘‘रचि पिराक, लड्‌डू, दधि आनौ।

तुमकौं भावत पुरी सँधानौं।।’’


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________


निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
अब यह आत्मा बलवान और सक्षम हो गई है और छटपटाती छाती को वर्तमान में सताती है।


जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है, जितना भी उँडेलताहूँ, भर-भर फिर आता है,' इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।


अपनी जिंदगी को सहर्ष स्वीकारना चाहिए' इस कथन परअपने विचार लिखिए।


जीवन में अत्यधिक मोह से अलग होने की आवश्यकता है,इस वाक्य में व्यक्त भाव प्रकट कीजिए।


निम्नलिखित अलंकारों से युक्त पंक्तियाँ लिखिए :
वक्रोक्ति -


उत्तर लिखिए:

‘मारीच’ से बना शब्द ____________


‘‘यह तो तब था, घास ही पत्थर
पत्थर में प्राण हमनेडाले।।’’
उपर्युक्त पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।


गजल में प्रयुक्त विरोधाभास वाली दो पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका अर्थ लिखिए।


'कागज की पोशाक शब्द की प्रतीकात्मकता स्पष्ट कीजिए।


जीवन की सर्वोत्तम पूँजी मित्रता है,' इस पर अपना मंतव्य
लिखिए।


जल में निहित जीवन के विविध भावों को आत्मसात करते हुए रसास्वादन कीजिए।


जानकारी दीजिए:
डॉ. राहत इंदौरी जी की गजलों की विशेषताएँ।


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