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Question
लिखिए -
‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________
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Solution
दादू दयाल जी के अनुसार मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन 'में
अर्थात उसका अहंकार है। अपने अहंकार के कारण मनुष्य का
विवेक खत्म हो जाता है और उसे नष्ट होते देर नहीं लगती। इस
तरह मनुष्य को मारने वाला उसका अपना ही अहंकार है। कवि ने इन पंक्तियों में यह बात कही है।
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लिखिए:

आशय लिखिए :
‘‘युग बंदिनी हवाएँ... टूट रहीं प्रतिमाएँ।’’
अंतर स्पष्ट कीजिए -
| माया रस | राम रस |
| ................. | ................. |
सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए:
(१) काहै को दुख देखिए
(२) बिरला
सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए –
(१) पाती प्रेम की
(२) साईं
‘प्रेम और स्नेह मनुष्य जीवन का आधार है’, इस संदर्भ में अपना मत लिखिए।
ईश्वर भक्ति तथा प्रेम के आधार पर साखी के प्रथम छह पदों का रसास्वादन कीजिए।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
उसेतो मछुवे पर दया करना चाहिए था।
निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए −
‘‘रचि पिराक, लड्डू, दधि आनौ।
तुमकौं भावत पुरी सँधानौं।।’’
‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपने शब्दों में लिखिए।
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निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
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