English

‘‘जिनकी रख्या तूँ करैं ते उबरे करतार’’, इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए। - Hindi

Advertisements
Advertisements

Question

‘‘जिनकी रख्या तूँ करैं ते उबरे करतार’’, इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

संत दादू दयाल को सर्व शक्तिमान प्रभु पर अटूट विश्वास है। वे कहते हैं, जिसकी रक्षा प्रभु करते हैं, वह भवसागर पार कर लेता है। उसका कोई भी बाल बांका नहीं कर सकता। प्रभु की शक्ति को आरपार नहीं है। प्रह्लाद के पिता हिरण्यकशिपु ने प्रहलाद को होलिका की गोद में बिठाकर आग को समर्पित कर दिया था, तो उनकी रक्षा प्रभु ने ही की थी। होलिका को आग में न जलने का वरदान था, इसके बावजूद होलिका जलकर भस्म हो गई और प्रह्लाद को आँच भी नहीं आई। यह प्रभु की शक्ति का ही प्रताप था।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 5.1: मध्ययुगीन काव्य - भक्ति महिमा - स्वाध्याय [Page 21]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
Chapter 5.1 मध्ययुगीन काव्य - भक्ति महिमा
स्वाध्याय | Q २. (अ) | Page 21

RELATED QUESTIONS

निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।


‘पालनाघर की आवश्यकता’ पर अपने विचार लिखिए।


आधुनिक जीवन शैली के कारण निर्मित समस्याओं से जूझने की प्रेरणा इन त्रिवेणियों से मिलती है, स्पष्ट कीजिए।


संकल्पना स्पष्ट कीजिए -

विषम श्रृंखलाएँ


संकल्पना स्पष्ट कीजिए -

युग बंदिनी हवाएँ


स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझते हुए प्रस्तुत गीत का रसास्वादन कीजिए।


लिखिए -

‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________


सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए:

(१) काहै को दुख देखिए
(२) बिरला


सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए –

(१) पाती प्रेम की

(२) साईं


‘प्रेम और स्नेह मनुष्य जीवन का आधार है’, इस संदर्भ में अपना मत लिखिए।


जानकारी दीजिए :

संत दादू के साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

हमारा तो सबसे प्रीती है।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

तुम जूठेसाबित होगा।


‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
जो कुछ निद्रित अपलक है, वह तुम्हारा असंवेदन है।


अपनी जिंदगी को सहर्ष स्वीकारना चाहिए' इस कथन परअपने विचार लिखिए।


जानकारी दीजिए :
मुक्तिबोध जी का साहित्य।


अलंकार पहचानकर लिखिए :
के-रख की नूपुर-ध्वनि सुन।
जगती-जगती की मूक प्यास।


निम्नलिखित अलंकारों से युक्त पंक्तियाँ लिखिए :
श्लेष-


उत्तर लिखिए:

‘स्वागत है’ काव्य मेंदी गई सलाह। ______


लिखिए:
प्रकृति से संबंधित शब्द तथा उनके लिए कविता में आए संदर्भ

शब्द

संदर्भ

   
   
   
   

आधुनिक युग में बढ़ती प्रदर्शन प्रवृत्ति ' विषय पर अपने
विचार लिखिए।


जानकारी दीजिए:
डॉ. राहत इंदौरी जी की गजलों की विशेषताएँ।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×