English

निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है। - Hindi

Advertisements
Advertisements

Question

निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

दी गई पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति :

'रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।'

स्पष्टीकरण : कवि त्रिपुरारी जी ने प्रस्तुत पंक्ति में सुबह की जन्मदात्री के रूप में रात को महत्त्व प्रदान किया है। कवि कहते हैं कि यदि रात न होती तो सुबह नहीं हो सकती थी। इस तरह उन्होंने सुबह की जन्मदात्री के रूप में रात को प्रतिपादित किया है। इसके लिए सुबह का जन्म रात की कोख से होना जैसे प्रतीक का उपयोग किया है। जैसे माता की कोख से बालक का जन्म होता है, कवि ने ठीक उसी तरह रात की कोख से सुबह का जन्म होता हुआ दर्शाया है। इस तरह कवि ने सुबह के जन्म के लिए 'रात की कोख' जैसे सार्थक प्रतीक का प्रयोग किया है।

'चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।'

स्पष्टीकरण: जीवन पथ पर चलते-चलते कभी-कभी गिर भी गए तो खुद को सँभालकर आगे बढ़ना चाहिए। गिरने पर जो चोट लगती है वह हमें जीवन का नया पाठ सिखाती है क्योंकि ठोकर खाकर ही हमें जीने की कला का सबक मिलता है। अनुभव से बड़ा कोई शिक्षक नहीं। बस, जीवन चलने का नाम है, आगे बढ़ने का नाम है इसे याद रखना होगा।

'अपनी आँखों में जब भी देखा है।'

स्पष्टीकरण: मैंने जब कभी अपनी आँखों में देखा स्वयं को एक बालक की तरह अबोध, निष्पाप पाया। इससे तो यही सिद्ध होता है कि उम्र बढ़ती ही नहीं। वास्तव में उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे हम मासुमियत खो देते हैं और दुनियादारी निभाते-निभाते हमारे भीतर छिपे बालक को बड़ा बुजुर्ग, अनुभवी बनाकर जीवन की सुंदरता का गला घोट देते हैं। मन को अशांत, तनाव पूर्ण, कुंठा ग्रस्त बना देते हैं। इससे मुक्ति पाना है तो खुद के भीतर छिपे बालक को जीवित रखना चाहिए।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: प्रेरणा - स्वाध्याय [Page 3]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
Chapter 1 प्रेरणा
स्वाध्याय | Q २. (आ) | Page 3

RELATED QUESTIONS

‘पालनाघर की आवश्यकता’ पर अपने विचार लिखिए।


आधुनिक जीवन शैली के कारण निर्मित समस्याओं से जूझने की प्रेरणा इन त्रिवेणियों से मिलती है, स्पष्ट कीजिए।


जानकारी दीजिए:
त्रिपुरारि जी की अन्य रचनाएँ - __________________


संकल्पना स्पष्ट कीजिए -

युग बंदिनी हवाएँ


लिखिए:


आशय लिखिए:

‘‘ऊँची हुई मशाल हमारी......हमारा घर है।’’


‘देश के विकास में युवकों का योगदान’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए।


जानकारी दीजिए :

‘तार सप्तक’ केदो कवियों के नाम -


लिखिए -

‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________


‘संत दादू के मतानुसार ईश्वर सबमें है’, इस आशय को व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका भावार्थ स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

उसे तुम्हारे शक्ती पर विश्वास हो गया।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

इसकी काम आएगा।


यशोदा अपने पुत्र को शांत करते हुए कहती है −

.........................................................

.........................................................


निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
अब यह आत्मा बलवान और सक्षम हो गई है और छटपटाती छाती को वर्तमान में सताती है।


अपनी जिंदगी को सहर्ष स्वीकारना चाहिए' इस कथन परअपने विचार लिखिए।


जानकारी दीजिए :
मुक्तिबोध जी का साहित्य।


निम्नलिखित अलंकारों से युक्त पंक्तियाँ लिखिए :
वक्रोक्ति -


निम्नलिखित अलंकारों से युक्त पंक्तियाँ लिखिए :
श्लेष-


उत्तर लिखिए:

‘मारीच’ से बना शब्द ____________


लिखिए:
गजलकार के अनुसार दोस्ती का अर्थ


आधुनिक युग में बढ़ती प्रदर्शन प्रवृत्ति ' विषय पर अपने
विचार लिखिए।


जल में निहित जीवन के विविध भावों को आत्मसात करते हुए रसास्वादन कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×