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स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझते हुए प्रस्तुत गीत का रसास्वादन कीजिए। - Hindi

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Question

स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझते हुए प्रस्तुत गीत का रसास्वादन कीजिए।

Very Long Answer
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Solution

गिरिजाकुमार माथुर जी द्वारा रचित ‘पंद्रह अगस्त’ कविता उनके ‘धूप के धान’ काव्य-संग्रह से ली गई है। यह एक प्रेरणादायक गीत है, जिसमें कवि देश की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात सैनिकों के माध्यम से समस्त देशवासियों को संबोधित करते हुए उन्हें हर क्षण सतर्क, सजग और कर्तव्यनिष्ठ रहने का संदेश देते हैं।

भारत ने राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त कर ली है, किंतु कवि के अनुसार वास्तविक स्वतंत्रता अभी अधूरी है, क्योंकि देश आज भी सामाजिक, आर्थिक और नैतिक समस्याओं से जूझ रहा है। कवि का मानना है कि जब तक हम आपसी सहयोग, सजगता और परिश्रम से इन समस्याओं की जड़ समाप्त नहीं करते, तब तक सच्चे अर्थों में स्वतंत्र नहीं कहलाएंगे।

कविता की पंक्ति “आज प्रभंजन बनकर चलरतीं युग बंदिनी हवाएँ” में वीर रस की झलक मिलती है, जो स्वतंत्रता की ऊर्जा और जागरण का प्रतीक है। वहीं पंक्ति “शोषण से मृत है समाज, कमजोर हमारा घर है” में करुण रस प्रकट होता है, जो समाज की दीन अवस्था और अधूरी स्वतंत्रता पर कवि की व्यथा को दर्शाता है।

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पद्य (Poetry) (11th Standard)
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Chapter 3: पंद्रह अगस्त - रसास्वादन [Page 11]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
Chapter 3 पंद्रह अगस्त
रसास्वादन | Q 1 | Page 11

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निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।


‘पालनाघर की आवश्यकता’ पर अपने विचार लिखिए।


आधुनिक जीवन शैली के कारण निर्मित समस्याओं से जूझने की प्रेरणा इन त्रिवेणियों से मिलती है, स्पष्ट कीजिए।


आशय लिखिए:

‘‘ऊँची हुई मशाल हमारी......हमारा घर है।’’


‘देश की रक्षा-मेरा कर्तव्य’, इसपर अपना मत स्पष्ट कीजिए ।


अंतर स्पष्ट कीजिए -

माया रस राम रस
................. .................

लिखिए -

‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________


‘‘जिनकी रख्या तूँ करैं ते उबरे करतार’’, इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।


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निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

उसेतो मछुवे पर दया करना चाहिए था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

वह निर्भीक व्यक्ती देश में सुधार करता घूमता था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

तूम नेदीपक जेब मेंक्यों रख लिया?


‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपने शब्दों में लिखिए।


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास की रचनाओं के प्रमुख विषय - ________________________


जो कुछ भी मेरा है वह तुम्हें प्यारा है, इस पंक्ति से कवि का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।


जाने क्या रिश्ता है, जाने क्या नाता है, जितना भी उँडेलताहूँ, भर-भर फिर आता है,' इन पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।


अपनी जिंदगी को सहर्ष स्वीकारना चाहिए' इस कथन परअपने विचार लिखिए।


नई कविता का भाव तथा भाषाई विशेषताओं के आधार पर रसास्वादन कीजिए।


उत्तर लिखिए:

‘मारीच’ से बना शब्द ____________


‘विश्वबंधुत्व आज के समय की आवश्यकता’, इसपर अपने विचार लिखिए ।


जानकारी दीजिए :

प्रवासी साहित्य की विशेषता -


लिखिए:
कवि ने इनसे सावधान किया है 


आधुनिक युग में बढ़ती प्रदर्शन प्रवृत्ति ' विषय पर अपने
विचार लिखिए।


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