Advertisements
Advertisements
Question
नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों के पालन की समस्या पर प्रकाश डालिए।
Advertisements
Solution
नौकरीपेशा अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती समय की होती है। उन्हें अपने कार्यस्थल पर अधिकतर समय देना पड़ता है, जिससे वे चाहकर भी अपने बच्चों के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। परिणामस्वरूप, बचपन से लेकर बड़े होने तक इन बच्चों को माता-पिता का वही स्नेह और मार्गदर्शन नहीं मिल पाता, जो अन्य बच्चों को प्राप्त होता है। इन बच्चों का बचपन से ही देखरेख करने वाली आया, विभिन्न बच्चों और स्कूल के शिक्षकों से अधिक संपर्क रहता है। ऐसी स्थिति में, उनके गलत आदतें अपनाने, गलत संगत में पड़ने, चिड़चिड़े स्वभाव का विकास होने, माता-पिता के प्रति विद्रोही रवैया अपनाने, पढ़ाई में कठिनाई का सामना करने, बुरी आदतों का शिकार होने और अनुशासनहीन बनने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। इसलिए, नौकरीपेशा अभिभावकों को अपने बच्चों के लालन-पालन और देखभाल में जितना भी समय मिल सके, उसे लगाना चाहिए, ताकि वे बच्चों को गलत आदतों से बचा सकें।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
जानकारी दीजिए:
त्रिवेणी काव्य प्रकार की विशेषताएँ:
- ____________
- ____________
‘देश के विकास में युवकों का योगदान’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए।
लिखिए -
‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________
‘संत दादू के मतानुसार ईश्वर सबमें है’, इस आशय को व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर उनका भावार्थ स्पष्ट कीजिए।
'अहंकार मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है’, इस उक्ति पर अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
जानकारी दीजिए :
संत दादू के साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
उसे तुम्हारे शक्ती पर विश्वास हो गया।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
वह निर्भीक व्यक्ती देश में सुधार करता घूमता था।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
गर्जना गुज बनकर रह गई।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
हमारा तो सबसे प्रीती है।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
तुम जूठेसाबित होगा।
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए −
‘‘जलपुट आनि धरनि पर राख्यौ।
गहि आन्यौ वह चंद दिखावै।।’’
बाल हठ और वात्सल्य के आधार पर सूर के पदों का रसास्वादन कीजिए।
जानकारी दीजिए :
संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________
जानकारी दीजिए :
संत सूरदास की रचनाओं के प्रमुख विषय - ________________________
निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
जो कुछ निद्रित अपलक है, वह तुम्हारा असंवेदन है।
अलंकार पहचानकर लिखिए :
कूलन में केलिन में, कछारन में, कुंजों में
क्यारियों में, कलि-कलीन में बगरो बसंत है।
अलंकार पहचानकर लिखिए :
के-रख की नूपुर-ध्वनि सुन।
जगती-जगती की मूक प्यास।
उत्तर लिखिए :
प्रथम स्वागत करते हुए दिलाया विश्वास ____________
‘विश्वबंधुत्व आज के समय की आवश्यकता’, इसपर अपने विचार लिखिए ।
गिरमिटियों की भावना तथा कवि की संवेदना को समझते हुए कविता का रसास्वादन कीजिए।
जीवन की सर्वोत्तम पूँजी मित्रता है,' इस पर अपना मंतव्य
लिखिए।
जानकारी दीजिए:
अन्य गजलकारों के नाम।
