English

नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों के पालन की समस्या पर प्रकाश डालिए। - Hindi

Advertisements
Advertisements

Question

नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों के पालन की समस्या पर प्रकाश डालिए।

Answer in Brief
Advertisements

Solution

नौकरीपेशा अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती समय की होती है। उन्हें अपने कार्यस्थल पर अधिकतर समय देना पड़ता है, जिससे वे चाहकर भी अपने बच्चों के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। परिणामस्वरूप, बचपन से लेकर बड़े होने तक इन बच्चों को माता-पिता का वही स्नेह और मार्गदर्शन नहीं मिल पाता, जो अन्य बच्चों को प्राप्त होता है। इन बच्चों का बचपन से ही देखरेख करने वाली आया, विभिन्न बच्चों और स्कूल के शिक्षकों से अधिक संपर्क रहता है। ऐसी स्थिति में, उनके गलत आदतें अपनाने, गलत संगत में पड़ने, चिड़चिड़े स्वभाव का विकास होने, माता-पिता के प्रति विद्रोही रवैया अपनाने, पढ़ाई में कठिनाई का सामना करने, बुरी आदतों का शिकार होने और अनुशासनहीन बनने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। इसलिए, नौकरीपेशा अभिभावकों को अपने बच्चों के लालन-पालन और देखभाल में जितना भी समय मिल सके, उसे लगाना चाहिए, ताकि वे बच्चों को गलत आदतों से बचा सकें।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: प्रेरणा - स्वाध्याय [Page 3]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
Chapter 1 प्रेरणा
स्वाध्याय | Q ३. (आ) | Page 3

RELATED QUESTIONS

निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।


जानकारी दीजिए:
त्रिवेणी काव्य प्रकार की विशेषताएँ:

  1. ____________
  2. ____________

संकल्पना स्पष्ट कीजिए -

नये स्वर्ग का प्रथम चरण


आशय लिखिए:

‘‘ऊँची हुई मशाल हमारी......हमारा घर है।’’


आशय लिखिए :

‘‘युग बंदिनी हवाएँ... टूट रहीं प्रतिमाएँ।’’


अंतर स्पष्ट कीजिए -

माया रस राम रस
................. .................

लिखिए -

‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________


सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए –

(१) पाती प्रेम की

(२) साईं


जानकारी दीजिए :

संत दादू के साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

बाबु साहब ईश्वर के लिए मुझ पे दया कीजिए ।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

वह निर्भीक व्यक्ती देश में सुधार करता घूमता था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

गर्जना गुज बनकर रह गई।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

हमारा तो सबसे प्रीती है।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

इसकी काम आएगा।


‘माँ ममता का सागर होती है’, इस उक्ति में निहित विचार अपने शब्दों में लिखिए।


बाल हठ और वात्सल्य के आधार पर सूर के पदों का रसास्वादन कीजिए।


निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
जो कुछ निद्रित अपलक है, वह तुम्हारा असंवेदन है।


निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
अब यह आत्मा बलवान और सक्षम हो गई है और छटपटाती छाती को वर्तमान में सताती है।


अपनी जिंदगी को सहर्ष स्वीकारना चाहिए' इस कथन परअपने विचार लिखिए।


नई कविता का भाव तथा भाषाई विशेषताओं के आधार पर रसास्वादन कीजिए।


जानकारी दीजिए :
मुक्तिबोध जी का साहित्य।


निम्नलिखित अलंकारों से युक्त पंक्तियाँ लिखिए :
वक्रोक्ति -


निम्नलिखित अलंकारों से युक्त पंक्तियाँ लिखिए :
श्लेष-


‘‘यह तो तब था, घास ही पत्थर
पत्थर में प्राण हमनेडाले।।’’
उपर्युक्त पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।


मातृभूमि की महत्ता को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।


लिखिए:
प्रकृति से संबंधित शब्द तथा उनके लिए कविता में आए संदर्भ

शब्द

संदर्भ

   
   
   
   

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×