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नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों के पालन की समस्या पर प्रकाश डालिए।

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Question

नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों के पालन की समस्या पर प्रकाश डालिए।

Answer in Brief
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Solution

नौकरीपेशा अभिभावकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती समय की होती है। उन्हें अपने कार्यस्थल पर अधिकतर समय देना पड़ता है, जिससे वे चाहकर भी अपने बच्चों के लिए पर्याप्त समय नहीं निकाल पाते। परिणामस्वरूप, बचपन से लेकर बड़े होने तक इन बच्चों को माता-पिता का वही स्नेह और मार्गदर्शन नहीं मिल पाता, जो अन्य बच्चों को प्राप्त होता है। इन बच्चों का बचपन से ही देखरेख करने वाली आया, विभिन्न बच्चों और स्कूल के शिक्षकों से अधिक संपर्क रहता है। ऐसी स्थिति में, उनके गलत आदतें अपनाने, गलत संगत में पड़ने, चिड़चिड़े स्वभाव का विकास होने, माता-पिता के प्रति विद्रोही रवैया अपनाने, पढ़ाई में कठिनाई का सामना करने, बुरी आदतों का शिकार होने और अनुशासनहीन बनने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। इसलिए, नौकरीपेशा अभिभावकों को अपने बच्चों के लालन-पालन और देखभाल में जितना भी समय मिल सके, उसे लगाना चाहिए, ताकि वे बच्चों को गलत आदतों से बचा सकें।

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पद्य (Poetry) (11th Standard)
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Chapter 1: प्रेरणा - स्वाध्याय [Page 3]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
Chapter 1 प्रेरणा
स्वाध्याय | Q ३. (आ) | Page 3

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