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Question
निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए −
‘‘जलपुट आनि धरनि पर राख्यौ।
गहि आन्यौ वह चंद दिखावै।।’’
Long Answer
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Solution
उपर्युक्त पंक्तियों में सूरदास ने माता यशोदा द्वारा बालक कृष्ण को बहका कर उनके समक्ष सशरीर चंद्रमा को उपस्थित कर देने का सुंदर और स्वाभाविक वर्णन किया है। बच्चे के प्रति माँ का स्नेह बहुत प्रगाढ़ होता है। वह अपने बच्चे की हर इच्छा पूरी करने की जी-जान से कोशिश करती है। वह अपने बालक को आसमान के तारे तोड़कर ला सकती है। कवि ने 'गहि आन्यौ वह चांद दिखावै' पंक्ति से माता यशोदा की इन्ही भावनाओं का मनोहारी वर्णन किया है।
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पद्य (Poetry) (11th Standard)
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