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कवि ने बच्चे की मुसकान के सौंदर्य को किन-किन बिंबों के माध्यम से व्यक्त किया है?

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Question

कवि ने बच्चे की मुसकान के सौंदर्य को किन-किन बिंबों के माध्यम से व्यक्त किया है?

Very Long Answer
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Solution

कवि ने बच्चे की मुसकान के सौंदर्य को निम्नलिखित बिंबो के माध्यम से व्यक्त किया है -

  1. बच्चे की मुसकान इतनी सुंदर है कि मृतक में भी जान डाल दे।
    “मृतक में भी डाल देगा जान।”
  2. कवि ने बालक की मुस्कान की तुलना कमल के पुष्प से की है। जो कि तालाब में न खिलकर कवि की झोंपड़ी में खिल रहे हैं।
    “छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात।”
  3. बच्चे की मुसकान से प्रभावित होकर पाषाण (पत्थर) भी पिघलकर जल बन जाएगा।
    “पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण।”
  4. कवि बच्चे की मुस्कान की तुलना शेफालिका के फूल से करता है।
    “झरने लग पड़े शेफालिका के फूल।”
  5. कवि ने शेफालिका (हरसिंगार) के झरते फूलों से बच्चे की मुस्कान की शीतलता और पवित्रता को व्यक्त किया है।
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यह दंतुरित मुसकान
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Chapter 6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल - प्रश्न-अभ्यास [Page 32]

APPEARS IN

NCERT Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
Chapter 6 नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | Page 32

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भाव स्पष्ट कीजिए -

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छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात”

'तुम्हारी ये दंतुरित मुस्कान' से ली गई उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त बिम्ब को स्पष्ट कीजिए।


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