Advertisements
Advertisements
Question
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
बच्चे की दंतुरित मुस्कान का किस-किस पर क्या-क्या प्रभाव पड़ता है? यह 'दंतुरित मुस्कान' कविता के आधार पर लिखिए।
Advertisements
Solution
बच्चे की सरल और स्वाभाविक मुस्कान का कवि के मन पर अधिक प्रभाव पड़ता है। इस मुस्कान को देखकर कवि को ऐसा लगता है जैसे यह मृत शरीर में प्राण डाल दे, क्योंकि बच्चे की मुस्कान में कोई स्वार्थ नहीं होता।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बच्चे की मुस्कान और एक बड़े व्यक्ति की मुस्कान में क्या अंतर है?
कवि ने बच्चे की मुसकान के सौंदर्य को किन-किन बिंबों के माध्यम से व्यक्त किया है?
भाव स्पष्ट कीजिए -
छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल
बाँस था कि बबूल?
मुस्कान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए।
दंतुरित मुसकान से बच्चे की उम्र का अनुमान लगाइए और तर्क सहित उत्तर दीजिए।
बच्चे से कवि की मुलाकात का जो शब्द-चित्र उपस्थित हुआ है, उसे अपने शब्दों में लिखिए।
‘मृतक में भी डाल देगी जान’ का आशय स्पष्ट कीजिए।
‘चिर प्रवासी मैं इतर, मैं अन्य’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
शिशु के धूल लगे शरीर को देखकर कवि को कैसा लगा?
‘पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
कवि शिशु की ओर से आँखें क्यों फेर लेना चाहता है?
‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने नारी को गरिमामय स्थान प्रदान किया है? इससे आप कितना सहमत हैं, स्पष्ट कीजिए।
“धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात........
छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात”
'तुम्हारी ये दंतुरित मुस्कान' से ली गई उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त बिम्ब को स्पष्ट कीजिए।
'दंतुरित मुस्कान' कविता में कवि को शिशु का धूल-धूसरित शरीर प्रतीत होता है?
'दंतुरित मुस्कान' का कवि स्वयं को चिर प्रवासी क्यों कह रहा है?
