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कवि शिशु की ओर से आँखें क्यों फेर लेना चाहता है?

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Question

कवि शिशु की ओर से आँखें क्यों फेर लेना चाहता है?

Short/Brief Note
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Solution

कवि शिशु की ओर से इसलिए आँखें फेर लेना चाहता है क्योंकि कवि को न पहचान पाने के कारण शिशु उसे अपलक देखे जा रहा है। कवि को लगता है कि इस तरह अपलक निहारने के कारण शिशु शायद थक गया होगा। शिशु को थकान से बचाने और उसका ध्यान अपनी ओर से हटाने के कारण कवि आँखें फेर लेना चाहता है।

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यह दंतुरित मुसकान
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Chapter 6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल - अतिरिक्त प्रश्न

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NCERT Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
Chapter 6 नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

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भाव स्पष्ट कीजिए -

छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात।


भाव स्पष्ट कीजिए -

छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बाँस था कि बबूल?


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“यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने किन्हें धन्य कहा है और क्यों?


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छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात”

'तुम्हारी ये दंतुरित मुस्कान' से ली गई उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त बिम्ब को स्पष्ट कीजिए।


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