Advertisements
Advertisements
Question
'दंतुरित मुस्कान' का कवि स्वयं को चिर प्रवासी क्यों कह रहा है?
Options
वह पहली बार बच्चे से मिल रहा है।
कवि सदा यात्रा पर रहने वाला व्यक्ति है।
कवि लम्बी यात्रा के बाद घर आया है।
कवि का कोई घर नहीं है वह खानाबदोश है।
Advertisements
Solution
कवि लम्बी यात्रा के बाद घर आया है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बच्चे की दंतुरित मुसकान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
बच्चे की मुसकान और एक बड़े व्यक्ति की मुसकान में क्या अंतर है?
कवि ने बच्चे की मुसकान के सौंदर्य को किन-किन बिंबों के माध्यम से व्यक्त किया है?
भाव स्पष्ट कीजिए -
छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बाँस था कि बबूल?
मुसकान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए।
दंतुरित मुसकान से बच्चे की उम्र का अनुमान लगाइए और तर्क सहित उत्तर दीजिए।
बच्चे से कवि की मुलाकात का जो शब्द-चित्र उपस्थित हुआ है उसे अपने शब्दों में लिखिए।
‘चिर प्रवासी मैं इतर, मैं अन्य’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?
‘पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
शिशु किसे अनिमेष ताके जा रहा था और क्यों?
कवि शिशु की ओर से आँखें क्यों फेर लेना चाहता है?
‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने नारी को गरिमामय स्थान प्रदान किया है? इससे आप कितना सहमत हैं, स्पष्ट कीजिए।
“यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने किन्हें धन्य कहा है और क्यों?
“धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात........
छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात”
'तुम्हारी ये दंतुरित मुस्कान' से ली गई उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त बिम्ब को स्पष्ट कीजिए।
'दंतुरित मुस्कान' कविता में कवि को शिशु का धूल-धूसरित शरीर प्रतीत होता है?
पद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
बच्चे की दंतुरित मुस्कान का किस-किस पर क्या-क्या प्रभाव पड़ता है? यह 'दंतुरित मुस्कान' कविता के आधार पर लिखिए।
