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Question
कोल्बे अभिक्रिया में फ़ीनॉल के स्थान पर फ़ीनॉक्साइड आयन की अभिक्रिया कार्बन डाइआक्साइड के साथ की जाती है। क्यों?
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Solution
फ़ीनॉल को सोडियम हाइडरॉक्साइड के साथ अभिकृत कराने से बना फ़ीनॉक्साइड आयन, फ्रीनॉल की अपेक्षा इलेक्ट्रॉनरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति अधिक क्रियाशील होता है। अतः यह CO2 जैसे दुर्बल इलेक्ट्रॉनरागी के साथ इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया करता है।
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RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित अभिक्रिया में ऐल्कोहॉलों की क्रियाशीलता का कौन-सा क्रम सही है?
\[\ce{R-OH + HCl ->[ZnCl2] R-Cl + H2O}\]
निम्नलिखित यौगिकों की घटती अम्ल प्रबलता के सही क्रम पर निशान लगाइए।
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| (a) | (b) | (c) | (d) | (e) |
निम्नलिखित यौगिकों की HBr/HCl के साथ बढ़ती हुई क्रियाशीलता के सही क्रम पर निशान लगाइए।
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| (a) | (b) | (c) |
प्राथमिक ऐल्कोहॉलों को ऐल्डिहाइडों में ऑक्सीकृत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से अभिकर्मक प्रयुक्त होते हैं?
(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3
(ii) अम्लीय माध्यम में KMnO4
(iii) पिरीडिनियम क्लोरोक्रोमेट
(iv) Cu की उपस्थिति में 573 K पर तापन
फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।
(i) Br2/जल
(ii) Na
(iii) उदासीन FeCl3
(iv) उपरोक्त सभी
ऐल्कोहॉलों के जल में विलयन के लिए उत्तरादायी कारकों के नाम लिखिए।
ऐथेनॉल के ऐथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।
निम्नलिखित यौगिकों को अम्लता के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए और उपयुक्त स्पष्टीकरण लिखिए।
फ़ीनॉल, o-नाइट्रोफ़ीनॉल, o-क्रीसॉल
स्पष्ट कीजिए कि फ़ीनॉलों में नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ सामान्यतः बहुत अधिक क्यों नहीं होतीं?
ऐल्कीनों के ऐल्कोहॉलों से विरचन में ऐल्कीन के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण होता है। इसकी क्रियाविधि स्पष्ट कीजिए।








