Advertisements
Advertisements
Question
नाइट्रोकरण ऐरोमैटिक इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन का एक उदाहरण है और इसकी दर बेन्जीन वलय पर पहले से ही उपस्थित समूह पर निर्भर करती है। बेन्जीन और फ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक आसानी से नाइट्रोकृत होगा और क्यों?
Advertisements
Solution
फ़ीनॉल, बेन्जीन से अधिक आसानी से नाइट्रोक़ृत होता है क्योंकि फ़ीनॉल में −OH समूह की उपस्थिति बेन्जीन वलय की ऑथों और पैरा स्थितियों पर +R प्रभाव द्वारा इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ा देती है। नाइट्रोकरण अभिक्रिया इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन होने के कारण उस स्थान पर अधिक आसानी से होती है जहाँ इलेक्ट्रॉन घनत्व अधिक होता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
टॉलूईन के सूर्य के प्रकाश में मोनोक्लोरीनन के पश्चात जलीय NaOH द्वारा अपघटन से ______ बनेगा।
m-क्रीसॉल का IUPAC ______ नाम है।
फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।
(i) Br2/जल
(ii) Na
(iii) उदासीन FeCl3
(iv) उपरोक्त सभी
ऐथेनॉल और 2-क्लोरोऐथेनॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है और क्यों?
फ़ीनॉल को ब्रोमीन जल से अभिकृत करने पर श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है। बनने वाले यौगिक का नाम और संरचना लिखिए।
ऐल्कोहॉल, सक्रिय धातु, उदाहरणार्थ Na, K इत्यादि से अभिक्रिया करके संगत ऐल्कॉक्साइड बनाती हैं। सोडियम धातु की प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्कोहॉलों के प्रति घटती हुई अभिक्रिया के क्रम को लिखिए।
स्पष्ट कीजिए कि फ़ीनॉलों का OH समूह ऐल्कोहॉलों के OH समूह से अधिक मजबूती से क्यों आबंधित रहता है।
ऐल्कीनों के ऐल्कोहॉलों से विरचन में ऐल्कीन के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण होता है। इसकी क्रियाविधि स्पष्ट कीजिए।
फ़ीनॉल का द्विध्रुव अघूर्ण मेथेनॉल से कम क्यों होता है?
स्पष्ट कीजिए कि p-नाइट्रोफ़ीनॉल, फ़ीनॉल से अधिक अम्लीय क्यों होती है?
