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Question
निम्नलिखित यौगिकों की घटती अम्ल प्रबलता के सही क्रम पर निशान लगाइए।
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| (a) | (b) | (c) | (d) | (e) |
Options
e > d > b > a > c
b > d > a > c > e
d > e > c > b > a
e > d > c > b > a
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Solution
b > d > a > c > e
स्पष्टीकरण:

−NO2 एक इलेक्ट्रॉन-अपनयक समूह है जो फ़ीनॉल की अम्लता को बढ़ाता है। ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर प्रभाव अधिक प्रबल होता है। इसी तरह, मेथॉक्सी समूह एक इलेक्ट्रॉन मुक्त करने वाला समूह है जो फ़ीनॉल की अम्लता को कम करता है।
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ऐल्किल हैलाइडों को ऐल्कोहॉलों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया में ______ निहित होती है।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक ऐरोमैटिक ऐल्कोहॉल है?
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| (A) | (B) | (C) | (D) |
फ़ीनॉल ______ से कम अम्लीय है।
निम्नलिखित में से कौन-से RCHO को RCH2OH में परिवर्तित करने के लिए प्रयुक्त होते हैं?
(i) H2/Pd
(ii) LiAlH4
(iii) NaBH4
(iv) RMgX के साथ अभिक्रिया के पश्चात जल अपघटन
फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।
(i) Br2/जल
(ii) Na
(iii) उदासीन FeCl3
(iv) उपरोक्त सभी
ऐल्कोहॉलों के जल में विलयन के लिए उत्तरादायी कारकों के नाम लिखिए।
ऐथेनॉल और 2-क्लोरोऐथेनॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है और क्यों?
स्पष्ट कीजिए कि फ़ीनॉलों का OH समूह ऐल्कोहॉलों के OH समूह से अधिक मजबूती से क्यों आबंधित रहता है।
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| कॉलम I | कॉलम II |
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| (ii) सुगंध में प्रयुक्त होने वाला विलायक | (b) ग्लिसरॉल |
| (iii) पिक्रिक अम्ल का प्रारंभन पदार्थ | (c) मेथेनॉल |
| (iv) काष्ठ स्पिरिट | (d) फ़ीनॉल |
| (v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक | (e) एथेलीनग्लाइकॉल |
| (vi) साबुन उद्योग का अतिरिक्त उत्पाद जो कांतिवर्धकों में प्रयुक्त होता है | (f) एथेनॉल |









