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Question
स्पष्ट कीजिए कि p-नाइट्रोफ़ीनॉल, फ़ीनॉल से अधिक अम्लीय क्यों होती है?
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Solution
इलेक्ट्रॉन-अपनयक समूह (−NO2), इलेक्ट्रॉनों को निकालता है और ऋणात्मक आवेश को बिखेरता है। इसलिए, −NO2 समूह फीनॉक्साइड आयन को स्थिर करता है। इसलिए p-नाइट्रोफ़ीनॉल, फ़ीनॉल की तुलना में अधिक अम्लीय है।
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m-क्रीसॉल का IUPAC ______ नाम है।
निम्नलिखित यौगिकों की HBr/HCl के साथ बढ़ती हुई क्रियाशीलता के सही क्रम पर निशान लगाइए।
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| (a) | (b) | (c) |
फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।
(i) Br2/जल
(ii) Na
(iii) उदासीन FeCl3
(iv) उपरोक्त सभी
निम्नलिखित यौगिकों को अम्लता के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए और उपयुक्त स्पष्टीकरण लिखिए।
फ़ीनॉल, o-नाइट्रोफ़ीनॉल, o-क्रीसॉल
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कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) मेथेनॉल | (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन |
| (ii) कोल्बे अभिक्रिया | (b) एथिल ऐल्कोहॉल |
| (iii) विलियम्सन संश्लेषण | (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन |
| (iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन | (d) काष्ठ स्पिरिट |
| (v) राइमर-टीमन अभिक्रिया | (e) 573 K पर तप्त कॉपर |
| (vi) किण्वन | (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया |



