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Question
o-नाइट्रोफ़ीनॉल और o-क्रीसॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है?
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Solution
NO2 एक इलेक्ट्रॉन-अपनयक समूह है जो o-नाइट्रोफ़ीनॉल में ऑर्थो स्थिति में मौजूद होता है जो अम्लीय शक्ति को बढ़ाता है और अधिक अम्लीय बनाता है। o-क्रीसॉल में एक इलेक्ट्रॉन विमोचन समूह होता है, वे अम्लीय सामर्थ्य को कम करता है।
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| (v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक | (e) एथेलीनग्लाइकॉल |
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कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) मेथेनॉल | (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन |
| (ii) कोल्बे अभिक्रिया | (b) एथिल ऐल्कोहॉल |
| (iii) विलियम्सन संश्लेषण | (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन |
| (iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन | (d) काष्ठ स्पिरिट |
| (v) राइमर-टीमन अभिक्रिया | (e) 573 K पर तप्त कॉपर |
| (vi) किण्वन | (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया |
