English

कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए। कॉलम I कॉलम II (i) मेथेनॉल (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन (ii) कोल्बे अभिक्रिया (b) एथिल ऐल्कोहॉल (iii) विलियम्सन संश्लेषण - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) मेथेनॉल (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन
(ii) कोल्बे अभिक्रिया (b) एथिल ऐल्कोहॉल
(iii) विलियम्सन संश्लेषण (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन
(iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन (d) काष्ठ स्पिरिट
(v) राइमर-टीमन अभिक्रिया (e) 573 K पर तप्त कॉपर
(vi) किण्वन (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया
Match the Columns
Advertisements

Solution

कॉलम I कॉलम II
(i) मेथेनॉल (d) काष्ठ स्पिरिट
(ii) कोल्बे अभिक्रिया (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन
(iii) विलियम्सन संश्लेषण (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया
(iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन (e) 573 K पर तप्त कॉपर
(v) राइमर-टीमन अभिक्रिया (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन
(vi) किण्वन (b) एथिल ऐल्कोहॉल

स्पष्टीकरण:

(i) मेथेनॉल, CH3OH जिसे ‘काष्ठ स्पिरिट’ भी कहते हैं। लकड़ी के भंजक आसवन द्वारा प्राप्त की जाती थी।

(ii) फ़ीनॉल को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ अभिकृत कराने से बना फ़ीनॉक्साइड आयन, फ़ीनॉल की अपेक्षा इलेक्ट्रॉनरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति अधिक क्रियाशील होता है। अत: यह CO2 जैसे दुर्बल इलेक्ट्रॉनरागी के साथ इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया करता है। इससे ऑथों हाइड्रॉक्सीबेन्ज़ोइक अम्ल मुख्य उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है।

(iii) विलियम्सन संश्लेषण सममित और असममित ईथरों को बनाने की एक महत्वपूर्ण प्रयोगशाला विधि है। इस विधि में, ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया कराई जाती है।

\[\ce{R - X + R' -  \overset{-}{\overset{\bullet\bullet}{\underset{\bullet\bullet}{O}}} \overset{+}{Na} -> R - \overset{\bullet\bullet}{\underset{\bullet\bullet}{O}} - R' + NaX}\]

(iv) जब प्राथमिक अथवा द्वितीयक ऐल्कोहॉल के वाष्पों को 573 K पर तप्त कॉपर के ऊपर से प्रवाहित किया जाता है तो विहाइड्रोजनन होता है तथा ऐल्डिहाइड अथवा कीटोन बनते हैं। जबकि तृतीयक ऐल्कोहॉलों का निर्जलन होता है।

\[\begin{array}{cc}
\ce{R - CH - R' ->[Cu][573 K] R - C - R'}\\
|\phantom{...................}||\phantom{.}\\
\phantom{.}\ce{OH}\phantom{.................}\ce{O}\phantom{..}
\end{array}\]

(v) फ़ीनॉल की सोडियम हाइड्रॉक्साइड की उपस्थिति में क्लोरोफ़ार्म के साथ अभिक्रिया से बेन्जीन में, −CHO समूह ऑर्थो स्थिति पर प्रवेश कर जाता है। इस अभिक्रिया को राइमर-टीमन अभिक्रिया कहते हैं।

प्रतिस्थापित मध्यवर्ती बेन्ज़िल क्लोराइड क्षार की उपस्थिति में अपघटित होकर सैलिसैल्डिहाइड बनाता है।

(vi) एथेनॉल शर्करा के किण्वन द्वारा तैयार किया जाता है।

\[\ce{C12H22O11 + H2O ->[{इनवर्टेज}] C6H12O6 + C6H12O6}\]

\[\ce{C6H12O6 ->[{जाइमेज}] 2C2H5OH + 2CO2}\]

shaalaa.com
ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का विरचन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर - अभ्यास [Page 173]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 11 ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q IV. 60. | Page 173

RELATED QUESTIONS

CH3CH2OH को CH3CHO में ______ द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है।


m-क्रीसॉल का IUPAC ______ नाम है।


निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ प्रबलतम क्षार की तरह कार्य कर सकती है?


निम्नलिखित यौगिकों की HBr/HCl के साथ बढ़ती हुई क्रियाशीलता के सही क्रम पर निशान लगाइए।

(a) (b) (c)

निम्नलिखित में से किन क्रियाओं में फ़ीनॉल प्राप्त होगा?

(i)
(ii)
(iii)
(iv)

प्राथमिक ऐल्कोहॉलों को ऐल्डिहाइडों में ऑक्सीकृत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से अभिकर्मक प्रयुक्त होते हैं?

(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3

(ii) अम्लीय माध्यम में KMnO4

(iii) पिरीडिनियम क्लोरोक्रोमेट

(iv) Cu की उपस्थिति में 573 K पर तापन


ऐथेनॉल और 2-क्लोरोऐथेनॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है और क्यों?


o-नाइट्रोफ़ीनॉल और p-नाइट्रोफ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक वाष्पशील है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित यौगिकों को अम्लता के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए और उपयुक्त स्पष्टीकरण लिखिए।

फ़ीनॉल, o-नाइट्रोफ़ीनॉल, o-क्रीसॉल


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) कार इंजन में प्रयुक्त होने वाला प्रतिहिम (a) उदासीन फेरिक क्लोराइड
(ii) सुगंध में प्रयुक्त होने वाला विलायक (b) ग्लिसरॉल
(iii) पिक्रिक अम्ल का प्रारंभन पदार्थ (c) मेथेनॉल
(iv) काष्ठ स्पिरिट (d) फ़ीनॉल
(v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक (e) एथेलीनग्लाइकॉल
(vi) साबुन उद्योग का अतिरिक्त उत्पाद जो कांतिवर्धकों में प्रयुक्त होता है (f) एथेनॉल

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×