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निम्नलिखित अभिक्रिया में ऐल्कोहॉलों की क्रियाशीलता का कौन-सा क्रम सही है? R−OH+HCl→ZnClA2R−Cl+HA2O

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Question

निम्नलिखित अभिक्रिया में ऐल्कोहॉलों की क्रियाशीलता का कौन-सा क्रम सही है?

\[\ce{R-OH + HCl ->[ZnCl2] R-Cl + H2O}\]

Options

  • 1° > 2° > 3°

  • 1° < 2° > 3°

  • 3° > 2° > 1°

  • 3° > 1° > 2°

MCQ
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Solution

3° > 2° > 1°

स्पष्टीकरण:

दी गई अभिक्रिया नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया है जिसमें −OH समूह को −Cl द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है। तृतीयक ऐल्कोहॉल जब ZnCl2 की उपस्थिति में HCl के साथ अभिक्रिया करता हैं तो तृतीयक कार्बोकैटायन बनता हैं।

यह मध्यवर्ती 3° कार्बोकैटायन, 2° कार्बोकैटायन के साथ-साथ 1° कार्बोकैटायन से अधिक स्थिर है। मध्यवर्ती की स्थिरता जितनी अधिक होगी, अभिकारक अणु की प्रतिक्रियाशीलता उतनी ही अधिक होगी।

अतः दी गई अभिक्रिया में ऐल्कोहॉलों की अभिक्रियाशीलता का क्रम 3° > 2° > 1° है।

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ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का विरचन
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Chapter 11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर - अभ्यास [Page 164]

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NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 11 ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q I. 3. | Page 164

RELATED QUESTIONS

फ़ीनॉल ______ से कम अम्लीय है।


प्राथमिक ऐल्कोहॉलों को ऐल्डिहाइडों में ऑक्सीकृत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से अभिकर्मक प्रयुक्त होते हैं?

(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3

(ii) अम्लीय माध्यम में KMnO4

(iii) पिरीडिनियम क्लोरोक्रोमेट

(iv) Cu की उपस्थिति में 573 K पर तापन


फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।

(i) Br2/जल

(ii) Na

(iii) उदासीन FeCl3

(iv) उपरोक्त सभी


ऐथेनॉल और 2-क्लोरोऐथेनॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है और क्यों?


o-नाइट्रोफ़ीनॉल और p-नाइट्रोफ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक वाष्पशील है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित यौगिकों को अम्लता के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए और उपयुक्त स्पष्टीकरण लिखिए।

फ़ीनॉल, o-नाइट्रोफ़ीनॉल, o-क्रीसॉल


स्पष्ट कीजिए कि फ़ीनॉलों का OH समूह ऐल्कोहॉलों के OH समूह से अधिक मजबूती से क्यों आबंधित रहता है।


नाइट्रोकरण ऐरोमैटिक इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन का एक उदाहरण है और इसकी दर बेन्जीन वलय पर पहले से ही उपस्थित समूह पर निर्भर करती है। बेन्जीन और फ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक आसानी से नाइट्रोकृत होगा और क्यों?


फ़ीनॉल का द्विध्रुव अघूर्ण मेथेनॉल से कम क्यों होता है?


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) कार इंजन में प्रयुक्त होने वाला प्रतिहिम (a) उदासीन फेरिक क्लोराइड
(ii) सुगंध में प्रयुक्त होने वाला विलायक (b) ग्लिसरॉल
(iii) पिक्रिक अम्ल का प्रारंभन पदार्थ (c) मेथेनॉल
(iv) काष्ठ स्पिरिट (d) फ़ीनॉल
(v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक (e) एथेलीनग्लाइकॉल
(vi) साबुन उद्योग का अतिरिक्त उत्पाद जो कांतिवर्धकों में प्रयुक्त होता है (f) एथेनॉल

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