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Question
प्राथमिक ऐल्कोहॉलों को ऐल्डिहाइडों में ऑक्सीकृत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से अभिकर्मक प्रयुक्त होते हैं?
(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3
(ii) अम्लीय माध्यम में KMnO4
(iii) पिरीडिनियम क्लोरोक्रोमेट
(iv) Cu की उपस्थिति में 573 K पर तापन
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Solution
(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3
(iii) पिरीडिनियम क्लोरोक्रोमेट
(iv) Cu की उपस्थिति में 573 K पर तापन
स्पष्टीकरण:
ऐल्कोहॉलों से सीधे कार्बोक्सिलिक अम्लों को प्राप्त करने के लिए प्रबल ऑक्सीकरण कर्मकों, जैसे अम्लीकृत पोटैशियम परमैंगनेट का उपयोग किया जाता है। ऐल्डिहाइडों को पृरथक् करने के लिए CrO3 का निर्जल माध्यम में ऑक्सीकरण कर्मक की तरह उपयोग किया जाता है।
\[\ce{RCH2OH ->[CrO3] RCHO}\]
प्राथमिक ऐल्कोहॉल के ऑक्सीकरण से ऐल्डिहाइड की अच्छी लब्धि प्राप्त करने के लिए पिरिडीनियम क्लोरोक्रोमेट (PCC) श्रेष्ठ अभिकर्मक है जो कि क्रोमियम ट्राइऑक्साइड का पिरिडीन व HCl के साथ संकुल है।
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कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) मेथेनॉल | (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन |
| (ii) कोल्बे अभिक्रिया | (b) एथिल ऐल्कोहॉल |
| (iii) विलियम्सन संश्लेषण | (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन |
| (iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन | (d) काष्ठ स्पिरिट |
| (v) राइमर-टीमन अभिक्रिया | (e) 573 K पर तप्त कॉपर |
| (vi) किण्वन | (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया |
