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नाइट्रोकरण ऐरोमैटिक इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन का एक उदाहरण है और इसकी दर बेन्जीन वलय पर पहले से ही उपस्थित समूह पर निर्भर करती है।

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प्रश्न

नाइट्रोकरण ऐरोमैटिक इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन का एक उदाहरण है और इसकी दर बेन्जीन वलय पर पहले से ही उपस्थित समूह पर निर्भर करती है। बेन्जीन और फ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक आसानी से नाइट्रोकृत होगा और क्यों?

टीपा लिहा
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उत्तर

फ़ीनॉल, बेन्जीन से अधिक आसानी से नाइट्रोक़ृत होता है क्योंकि फ़ीनॉल में −OH समूह की उपस्थिति बेन्जीन वलय की ऑथों और पैरा स्थितियों पर +R प्रभाव द्वारा इलेक्ट्रॉन घनत्व बढ़ा देती है। नाइट्रोकरण अभिक्रिया इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन होने के कारण उस स्थान पर अधिक आसानी से होती है जहाँ इलेक्ट्रॉन घनत्व अधिक होता है।

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ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का विरचन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर - अभ्यास [पृष्ठ १७०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 11 ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q III. 47. | पृष्ठ १७०

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ प्रबलतम क्षार की तरह कार्य कर सकती है?


फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।

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(iii) उदासीन FeCl3

(iv) उपरोक्त सभी


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कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) कार इंजन में प्रयुक्त होने वाला प्रतिहिम (a) उदासीन फेरिक क्लोराइड
(ii) सुगंध में प्रयुक्त होने वाला विलायक (b) ग्लिसरॉल
(iii) पिक्रिक अम्ल का प्रारंभन पदार्थ (c) मेथेनॉल
(iv) काष्ठ स्पिरिट (d) फ़ीनॉल
(v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक (e) एथेलीनग्लाइकॉल
(vi) साबुन उद्योग का अतिरिक्त उत्पाद जो कांतिवर्धकों में प्रयुक्त होता है (f) एथेनॉल

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