Advertisements
Advertisements
प्रश्न
ऐल्कीनों के ऐल्कोहॉलों से विरचन में ऐल्कीन के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण होता है। इसकी क्रियाविधि स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
उत्तर
अभिक्रिया की क्रियाविधि में निम्नलिखित तीन चरण सम्मिलित होते हैं- |
चरण 1: H3O+ के इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण के द्वारा ऐल्कीनों के प्रोटॉनन से कार्बोकेटायन बनते हैं।
\[\ce{H2O + H+ -> H3O+}\]

चरण 2: कार्बोकैटायन पर जल का नाभिकरागी आक्रमण

चरण 3: विप्रोटोनन जिससे ऐल्कोहॉल बनता है।

APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित यौगिकों को बढ़ते हुए क्वथनांक के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
प्रोपेन-1-ऑल, ब्यूटेन-1-ऑल, ब्यूटेन-2-ऑल, पेन्टेन-1-ऑल
निम्नलिखित में से किन क्रियाओं में फ़ीनॉल प्राप्त होगा?
| (i) | ![]() |
| (ii) | ![]() |
| (iii) | ![]() |
| (iv) | ![]() |
प्राथमिक ऐल्कोहॉलों को ऐल्डिहाइडों में ऑक्सीकृत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से अभिकर्मक प्रयुक्त होते हैं?
(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3
(ii) अम्लीय माध्यम में KMnO4
(iii) पिरीडिनियम क्लोरोक्रोमेट
(iv) Cu की उपस्थिति में 573 K पर तापन
o-नाइट्रोफ़ीनॉल और p-नाइट्रोफ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक वाष्पशील है? स्पष्ट कीजिए।
o-नाइट्रोफ़ीनॉल और o-क्रीसॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है?
फ़ीनॉल को ब्रोमीन जल से अभिकृत करने पर श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है। बनने वाले यौगिक का नाम और संरचना लिखिए।
स्पष्ट कीजिए कि फ़ीनॉलों में नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ सामान्यतः बहुत अधिक क्यों नहीं होतीं?
ऐल्कोहॉलों के तीनों वर्गों की सांद्र HCl और ZnCl2 (ल्यूकास अभिकर्मक) के साथ अभिक्रियाशीलता अलग-अलग क्यों है?
नाइट्रोकरण ऐरोमैटिक इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन का एक उदाहरण है और इसकी दर बेन्जीन वलय पर पहले से ही उपस्थित समूह पर निर्भर करती है। बेन्जीन और फ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक आसानी से नाइट्रोकृत होगा और क्यों?
स्पष्ट कीजिए कि p-नाइट्रोफ़ीनॉल, फ़ीनॉल से अधिक अम्लीय क्यों होती है?




