मराठी

CH3CH2OH को CH3CHO में ______ द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

CH3CH2OH को CH3CHO में ______ द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है।

पर्याय

  • उत्प्रेरकीय हाइड्रोजनन

  • LiAlH4 से अभिक्रिया

  • पिरिडिनियम क्लोरोक्रोमेट से अभिक्रिया

  • KMnO4 से अभिक्रिया

MCQ
रिकाम्या जागा भरा
Advertisements

उत्तर

CH3CH2OH को CH3CHO में पिरिडिनियम क्लोरोक्रोमेट से अभिक्रिया द्वारा परिवर्तित किया जा सकता है।

स्पष्टीकरण:

ऐल्कोहॉल का ऑक्सीकरण ऐल्डिहाइड और अंत में अम्ल में होता है।

\[\ce{CH3CH2OH ->[{[O]}] CH3CHO ->[{[O]}] CH3COOH}\]

पिरिडिनियम क्लोरोक्रोमेट (CrO3C5H5N.HCl) का उपयोग करके ऐल्डिहाइड अवस्था में ऑक्सीकरण को रोका जाता है।

\[\ce{CH3CH2OH ->[PCC] CH3CHO}\]

shaalaa.com
ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का विरचन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर - अभ्यास [पृष्ठ १६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 11 ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q I. 4. | पृष्ठ १६४

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक ऐरोमैटिक ऐल्कोहॉल है?

(A) (B) (C) (D)

निम्नलिखित में से कौन-सा अधिकतम अम्लीय है?


निम्नलिखित यौगिकों की HBr/HCl के साथ बढ़ती हुई क्रियाशीलता के सही क्रम पर निशान लगाइए।

(a) (b) (c)

फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।

(i) Br2/जल

(ii) Na

(iii) उदासीन FeCl3

(iv) उपरोक्त सभी


ऐथेनॉल और 2-क्लोरोऐथेनॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है और क्यों?


स्पष्ट कीजिए कि फ़ीनॉलों का OH समूह ऐल्कोहॉलों के OH समूह से अधिक मजबूती से क्यों आबंधित रहता है।


ऐल्कीनों के ऐल्कोहॉलों से विरचन में ऐल्कीन के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण होता है। इसकी क्रियाविधि स्पष्ट कीजिए।


ऐल्कोहॉलों के तीनों वर्गों की सांद्र HCl और ZnCl2 (ल्यूकास अभिकर्मक) के साथ अभिक्रियाशीलता अलग-अलग क्यों है?


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) कार इंजन में प्रयुक्त होने वाला प्रतिहिम (a) उदासीन फेरिक क्लोराइड
(ii) सुगंध में प्रयुक्त होने वाला विलायक (b) ग्लिसरॉल
(iii) पिक्रिक अम्ल का प्रारंभन पदार्थ (c) मेथेनॉल
(iv) काष्ठ स्पिरिट (d) फ़ीनॉल
(v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक (e) एथेलीनग्लाइकॉल
(vi) साबुन उद्योग का अतिरिक्त उत्पाद जो कांतिवर्धकों में प्रयुक्त होता है (f) एथेनॉल

कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) मेथेनॉल (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन
(ii) कोल्बे अभिक्रिया (b) एथिल ऐल्कोहॉल
(iii) विलियम्सन संश्लेषण (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन
(iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन (d) काष्ठ स्पिरिट
(v) राइमर-टीमन अभिक्रिया (e) 573 K पर तप्त कॉपर
(vi) किण्वन (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×