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प्रश्न
कोल्बे अभिक्रिया में फ़ीनॉल के स्थान पर फ़ीनॉक्साइड आयन की अभिक्रिया कार्बन डाइआक्साइड के साथ की जाती है। क्यों?
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उत्तर
फ़ीनॉल को सोडियम हाइडरॉक्साइड के साथ अभिकृत कराने से बना फ़ीनॉक्साइड आयन, फ्रीनॉल की अपेक्षा इलेक्ट्रॉनरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति अधिक क्रियाशील होता है। अतः यह CO2 जैसे दुर्बल इलेक्ट्रॉनरागी के साथ इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया करता है।
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| कॉलम I | कॉलम II |
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| (ii) सुगंध में प्रयुक्त होने वाला विलायक | (b) ग्लिसरॉल |
| (iii) पिक्रिक अम्ल का प्रारंभन पदार्थ | (c) मेथेनॉल |
| (iv) काष्ठ स्पिरिट | (d) फ़ीनॉल |
| (v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक | (e) एथेलीनग्लाइकॉल |
| (vi) साबुन उद्योग का अतिरिक्त उत्पाद जो कांतिवर्धकों में प्रयुक्त होता है | (f) एथेनॉल |
