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कोल्बे अभिक्रिया में फ़ीनॉल के स्थान पर फ़ीनॉक्साइड आयन की अभिक्रिया कार्बन डाइआक्साइड के साथ की जाती है। क्यों? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

कोल्बे अभिक्रिया में फ़ीनॉल के स्थान पर फ़ीनॉक्साइड आयन की अभिक्रिया कार्बन डाइआक्साइड के साथ की जाती है। क्यों?

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उत्तर

फ़ीनॉल को सोडियम हाइडरॉक्साइड के साथ अभिकृत कराने से बना फ़ीनॉक्साइड आयन, फ्रीनॉल की अपेक्षा इलेक्ट्रॉनरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन अभिक्रिया के प्रति अधिक क्रियाशील होता है। अतः यह CO2 जैसे दुर्बल इलेक्ट्रॉनरागी के साथ इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया करता है।

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ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का विरचन
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अध्याय 11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर - अभ्यास [पृष्ठ १७०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 11 ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q III. 48. | पृष्ठ १७०

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(a) (b) (c) (d) (e)

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(i)
(ii)
(iii)
(iv)

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(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3

(ii) अम्लीय माध्यम में KMnO4

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कॉलम I कॉलम II
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(iii) विलियम्सन संश्लेषण (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन
(iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन (d) काष्ठ स्पिरिट
(v) राइमर-टीमन अभिक्रिया (e) 573 K पर तप्त कॉपर
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