मराठी

ऐल्कोहॉलों के तीनों वर्गों की सांद्र HCl और ZnCl2 (ल्यूकास अभिकर्मक) के साथ अभिक्रियाशीलता अलग-अलग क्यों है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

ऐल्कोहॉलों के तीनों वर्गों की सांद्र HCl और ZnCl2 (ल्यूकास अभिकर्मक) के साथ अभिक्रियाशीलता अलग-अलग क्यों है?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

ऐल्कोहॉल सांद्र HCl और ZnCl2 (ल्यूकास अभिकर्मक) के साथ अभिक्रिया से कार्बधनायन बनाती है। कार्बधनायन जितना स्थायी होता है अभिक्रिया उतनी ही द्वुत होती है।

(i) 

\[\begin{array}{cc}
\phantom{...............}\ce{H}\\
\phantom{...............}|\\
\ce{R - \underset{\bullet\bullet}{\overset{\bullet\bullet}{O}} - H + HCl ⇌[{तीव्र}] R - \underset{\bullet\bullet}{O}^+ - H + Cl-}
\end{array}\] 

(ii) 

(iii) 

\[\ce{R+ + Cl- ->[{तीव्र}] RCl}\]

उपरोक्त अभिक्रिया का दर निर्धारक चरण (ii) है। यह सबसे धीमा चरण है। कार्बोकैटायन की स्थिरता अभिक्रिया की अभिक्रियाशीलता निर्धारित करेगी। चूँकि कार्बोकैटायन की स्थिरता का क्रम प्राथमिक < द्वितीयक < तृतीयक है। अतः उपरोक्त अभिक्रिया में ऐल्किल हैलाइड बनने का क्रम प्राथमिक < द्वितीयक < तृतीयक है।

shaalaa.com
ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का विरचन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर - अभ्यास [पृष्ठ १७०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 11 ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q III. 45. | पृष्ठ १७०

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित यौगिकों की घटती अम्ल प्रबलता के सही क्रम पर निशान लगाइए।

(a) (b) (c) (d) (e)

फ़ीनॉल और ऐथेनॉल में ______ के साथ अभिक्रिया द्वारा विभेद किया जा सकता है।

(i) Br2/जल

(ii) Na

(iii) उदासीन FeCl3

(iv) उपरोक्त सभी


ऐल्कोहॉलों के जल में विलयन के लिए उत्तरादायी कारकों के नाम लिखिए।


निम्नलिखित परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।


ऐथेनॉल के ऐथेनैल में परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।


ऐथेनॉल के ऐथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।


फ़ीनॉल को ब्रोमीन जल से अभिकृत करने पर श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है। बनने वाले यौगिक का नाम और संरचना लिखिए।


नाइट्रोकरण ऐरोमैटिक इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन का एक उदाहरण है और इसकी दर बेन्जीन वलय पर पहले से ही उपस्थित समूह पर निर्भर करती है। बेन्जीन और फ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक आसानी से नाइट्रोकृत होगा और क्यों?


स्पष्ट कीजिए कि p-नाइट्रोफ़ीनॉल, फ़ीनॉल से अधिक अम्लीय क्यों होती है?


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) मेथेनॉल (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन
(ii) कोल्बे अभिक्रिया (b) एथिल ऐल्कोहॉल
(iii) विलियम्सन संश्लेषण (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन
(iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन (d) काष्ठ स्पिरिट
(v) राइमर-टीमन अभिक्रिया (e) 573 K पर तप्त कॉपर
(vi) किण्वन (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×