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जीवन पथ पर चलते मनुष्य के कदम यदि रुक जाते है तो उसे क्या हानि हानि उठानी पड़ती है?

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Question

जीवन पथ पर चलते मनुष्य के कदम यदि रुक जाते है तो उसे क्या हानि हानि उठानी पड़ती है?

Short/Brief Note
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Solution

जीवन पथ पर चलता मनुष्य यदि राह की कठिनाइयों के सामने समर्पण कर देता है या थोड़ी-सी छाया देखकर आराम करने लगता है और लक्ष्य के प्रति उदासीन हो जाता है तो मनुष्य सफलता से वंचित हो जाता है। ऐसे व्यक्ति की जीवन यात्रा अधूरी रह जाती है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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Chapter 12: हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9
Chapter 12 हरिवंशराय बच्चन - अग्नि पथ
अतिरिक्त प्रश्न | Q 8

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