English

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

कवि प्रेम रूपी धागा न तोड़ने की बात कहता है कि एक बार यह टूट जाए तो सामान्य स्थिति नहीं आ पाती है। उसे जोड़ भी दिया जाए तो उसमें गाँठ पड़ जाती है क्योंकि इसके टूटने पर अविश्वास और संदेह का भाव आ जाता है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 8: रहीम - दोहे - प्रश्न अभ्यास [Page 80]

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 1 [English] Class 9
Chapter 8 रहीम - दोहे
प्रश्न अभ्यास | Q 2.1 | Page 80

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए 
तू न थमेगा कभी
तू न मुड़ेगा कभी


अग्नि पथ’ कविता थके-हारे निराश मन को उत्साह एवं प्रेरणा से भर देती है। स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।

देते स्वर यदि मुझे विधाता


निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।

हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
कविता की उन पँक्तियों को लिखिए, जिनसे निम्नलिखित अर्थ का बोध होता है −

1. सुखिया के बाहर जाने पर पिता का हृ्दय काँप उठता था।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________

2. पर्वत की चोटी पर स्थित मंदिर की अनुपम शोभा।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________

3. पुजारी से प्रसाद/फूल पाने पर सुखिया के पिता की मनःस्थिति।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________

4. पिता की वेदना और उसका पश्चाताप।
______________________________
______________________________
______________________________
______________________________


इस कविता में से कुछ भाषिक प्रतीकोंबिंबों को छाँटकर लिखिए:

उदाहरण : अंधकार की छाया
(i) _______________
(ii) _______________
(iii) _______________
(iv) _______________
(v) _______________


‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।


सुखिया ने अपने पिता से देवी के प्रसाद का फूल क्यों माँगा?


पिता अपनी बच्ची को माता के प्रसाद का फूल क्यों न दे सका?


‘एक फूल की चाह’ कविता में देवी के भक्तों की दोहरी मानसिकता उजागर होती हैं। स्पष्ट कीजिए।


चारों छंदों में कवि ने आदमी के सकारात्मक और नकारात्मक रूपों को परस्पर किन-किन रूपों में रखा है? अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


आदमी की प्रवृतियों का उल्लेख कीजिए।


निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए
दुनिया में बादशाह है सो है वह भी आदमी
और मुफ़लिस-ओ-गदा है सो है वो भी आदमी


मसज़िद का उल्लेख करके नज्मकार ने किस पर व्यंग्य किया है? इसका उद्देश्य क्या है?


उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −

उदाहण : कोय − कोई , जे - जो

ज्यों

_______________

कछु

_______________

नहिं

_______________

कोय

_______________

धनि

_______________

आखर

_______________

जिय

_______________

थोरे

_______________

होय

_______________

माखन

_______________

तरवारि

_______________

सींचिबो

_______________

मूलहिं

_______________

पिअत

_______________

पिआसो

_______________

बिगरी

_______________

आवे

_______________

सहाय

_______________

ऊबरै

_______________

बिनु

_______________

बिथा

_______________

अठिलैहैं

_______________

परिजाय

_______________

 

 

नट किस कला में पारंगत होता है? रहीम ने उसका उदाहरण किसलिए दिया है?


व्यक्ति को अपने पास संपत्ति क्यों बचाए रखना चाहिए? ऐसा कवि ने किसके उदाहरण द्वारा कहा है?


पाठ में आए दोनों पदों को याद कीजिए और कक्षा में गाकर सुनाइए।


जाकी अंग-अंग वास समानी’ में जाकी’ किसके लिए प्रयुक्त है? इससे कवि को क्या अभिप्राय है?


रैदास द्वारा रचित दूसरे पद ‘ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै’ को प्रतिपाद्य लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×