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Question
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।
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Solution
कवि का कहना है कि अपना दुख किसी के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए क्योंकि सब लोग सुनकर हँस लेते हैं मज़ाक कर लेते हैं परन्तु उसे बाँटता कोई भी नहीं है।
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