Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
पानी गए न उबरै, मोती, मानुष, चून।
Advertisements
Solution
जीवन में पानी के बिना सब कुछ बेकार है। इसे बनाकर रखना चाहिए, जैसे चमक या आब के बिना मोती बेकार है, पानी अर्थात सम्मान के बिना मनुष्य का जीवन बेकार है और बिना पानी के आटा या चूना काम नहीं करता है। इसमें पानी की आवश्यकता होती है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर दीजिए:
कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रेमी जब गीत गाता है, तब प्रेमिका की क्या इच्छा होती है?
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
हाय! वही चुपचाप पड़ी थी
अटल शांति-सी धारण कर
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए −
पापी ने मंदिर में घुसकर
किया अनर्थ बड़ा भारी
मंदिर की भव्यता और सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
न्यायालय द्वारा सुखिया के पिता को क्यों दंडित किया गया?
‘आदमी नामा’ पाठ के आधार पर आदमी के उस रूप का वर्णन कीजिए जिसने आपको सर्वाधिक प्रभावित किया?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
एक को साधने से सब कैसे सध जाता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी क्यों नहीं कर पाता?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।
निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है −
पानी के बिना सब सूना है अत: पानी अवश्य रखना चाहिए।
उदाहरण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए −
उदाहण : कोय − कोई , जे - जो
|
ज्यों |
_______________ |
कछु |
_______________ |
|
नहिं |
_______________ |
कोय |
_______________ |
|
धनि |
_______________ |
आखर |
_______________ |
|
जिय |
_______________ |
थोरे |
_______________ |
|
होय |
_______________ |
माखन |
_______________ |
|
तरवारि |
_______________ |
सींचिबो |
_______________ |
|
मूलहिं |
_______________ |
पिअत |
_______________ |
|
पिआसो |
_______________ |
बिगरी |
_______________ |
|
आवे |
_______________ |
सहाय |
_______________ |
|
ऊबरै |
_______________ |
बिनु |
_______________ |
|
बिथा |
_______________ |
अठिलैहैं |
_______________ |
|
परिजाय |
_______________ |
|
‘सुई की जगह तलवार काम नहीं आती’ तथा ‘बिन पानी सब सून’ इन विषयों पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
रहीम ने मूल को सींचने की सीख किस संदर्भ में दी है और क्यों?
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
नीचहु ऊच करै मेरा गोबिंदु काहू ते न डरै
जाकी अंग-अंग वास समानी’ में जाकी’ किसके लिए प्रयुक्त है? इससे कवि को क्या अभिप्राय है?
‘तुम घन बन हम मोरा’-ऐसी कवि ने क्यों कहा है?
रैदास द्वारा रचित दूसरे पद ‘ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै’ को प्रतिपाद्य लिखिए।
