Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
पानी गए न उबरै, मोती, मानुष, चून।
Advertisements
Solution
जीवन में पानी के बिना सब कुछ बेकार है। इसे बनाकर रखना चाहिए, जैसे चमक या आब के बिना मोती बेकार है, पानी अर्थात सम्मान के बिना मनुष्य का जीवन बेकार है और बिना पानी के आटा या चूना काम नहीं करता है। इसमें पानी की आवश्यकता होती है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
‘जीवन संघर्ष का ही नाम है’ इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा का आयोजन कीजिए।
कवि किस दृश्य को महान बता रहा है, और क्यों?
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
देते स्वर यदि मुझे विधाता
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की
‘बेटी’ पर आधारित निराला की रचना ‘सरोज-स्मृति’ पढ़िए।
सुखिया का पिता किस सामाजिक बुराई का शिकार हुआ?
आपके विचार से मंदिर की पवित्रता और देवी की गरिमा को कौन ठेस पहुँचा रहा था और कैसे?
सुखिया के पिता को मंदिर में देखकर भक्तों ने क्या-क्या कहना शुरू कर दिया?
“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?
पहले छंद में कवि की दृष्टि आदमी के किन-किन रूपों का बख़ान करती है? क्रम से लिखिए।
निम्नलिखित अंश को व्याख्या कीजिए −
अशराफ़ और कमीने से ले शाह ता वज़ीर
ये आदमी ही करते हैं सब कारे दिलपज़ीर
आदमी किन स्थितियों में पीर बन जाता है?
‘सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी’ के माध्यम से नज्मकार ने क्या कहना चाहा है?
‘आदमी नामा’ पाठ के आधार पर आदमी के उस रूप का वर्णन कीजिए जिसने आपको सर्वाधिक प्रभावित किया?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।
नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जैसे चितवत चंद चकोरा
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
रैदास ने अपने ‘लाल’ की किन-किन विशेषताओं का उत्लेख किया है?
