Advertisements
Advertisements
Question
‘जीवन संघर्ष का ही नाम है’ इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा का आयोजन कीजिए।
Advertisements
Solution
- पहला छात्र – जीवन संघर्ष का दूसरा नाम है।
- दूसरा छात्र – मेरे विचार से, संघर्ष करना मज़बूरी है, आवश्यकता नहीं। कौन जबरदस्ती संघर्ष करना चाहेगा।
- तीसरा छात्र – हर आदमी संघर्ष टालना चाहता है।
- पहला छात्र – मेरा मतलब है, जीवन में संघर्ष के बिना काम नहीं चलता। उससे बचो नहीं जा सकता।
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'एक पत्र-छाँह भी माँग मत' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
इस कविता का मूलभाव क्या है? स्पष्ट कीजिए।
जीवन पथ पर चलते मनुष्य के कदम यदि रुक जाते है तो उसे क्या हानि हानि उठानी पड़ती है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
जब शुक गाता है, तो शुकी के हृदय पर क्या प्रभाव पड़ता है?
गीत-अगीत कविता में नदी को किस रूप में चित्रित किया गया है? इसका ज्ञान कैसे होता है?
‘गीत-अगीत’ कविता में अगीत का चित्रण कवि द्वारा किस तरह किया गया है, स्पष्ट कीजिए।
बीमार बच्ची ने क्या इच्छा प्रकट की?
तत्कालीन समाज में व्याप्त स्पृश्य और अस्पृश्य भावना में आज आए परिवर्तनों पर एक चर्चा आयोजित कीजिए।
महामारी अपना प्रचंड रूप किस प्रकार दिखा रही थी?
सुखिया ने अपने पिता से देवी के प्रसाद का फूल क्यों माँगा?
न्यायालय द्वारा सुखिया के पिता को क्यों दंडित किया गया?
आपके विचार से मंदिर की पवित्रता और देवी की गरिमा को कौन ठेस पहुँचा रहा था और कैसे?
अगर ‘बंदर नामा’ लिखना हो तो आप किन-किन सकारात्मक और नकारात्मक बातों का उल्लेख करेंगे।
‘आदमी नामा’ पाठ के आधार पर आदमी के उस रूप का वर्णन कीजिए जिसने आपको सर्वाधिक प्रभावित किया?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।
निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्ति द्वारा अभिव्यक्त किया गया है −
कोई लाख कोशिश करे पर बिगड़ी बात फिर बन नहीं सकती।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
दूसरे पद में कवि ने 'गरीब निवाजु' किसे कहा है? स्पष्ट कीजिए।
‘रैदास’ ने अपने स्वामी को किन-किन नामों से पुकारा है?
रैदास के पदों का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए।
जैसे चितवत चंद चकोरा’ के माध्यम से रैदास ने क्या कहना चाहा है?
