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गीत-अगीत कविता का शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - B

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Question

गीत-अगीत कविता का शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ विरचित कविता ‘गीत-अगीत’ में प्राकृतिक और मानवीय राग का सुंदर चित्रण है। कविता में तत्सम शब्दोंयुक्त खड़ी बोली का प्रयोग है जिसमें सरसता और लयात्मकता है। कविता में आए अनुप्रास, पुनरुक्ति प्रकाश और मानवीकरण अलंकार इसके सौंदर्य में वृद्धि करते हैं। भाषा इतनी चित्रात्मक है कि सारा दृश्य हमारी आँखों के सामने साकार हो उठता है। जगह-जगह वियोग एवं संयोग श्रृंगार रस घनीभूत हो उठा है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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Chapter 11: रामधारी सिंह दिनकर - गीत – अगीत - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
Chapter 11 रामधारी सिंह दिनकर - गीत – अगीत
अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

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ज्यों

_______________

कछु

_______________

नहिं

_______________

कोय

_______________

धनि

_______________

आखर

_______________

जिय

_______________

थोरे

_______________

होय

_______________

माखन

_______________

तरवारि

_______________

सींचिबो

_______________

मूलहिं

_______________

पिअत

_______________

पिआसो

_______________

बिगरी

_______________

आवे

_______________

सहाय

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ऊबरै

_______________

बिनु

_______________

बिथा

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अठिलैहैं

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परिजाय

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नीति संबंधी अन्य कवियों के दोहे/कविता एकत्र कीजिए और उन दोहों/कविताओं को चार्ट पर लिखकर भित्ति पत्रिका पर लगाइए।


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