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'आदमी नामा' शीर्षक कविता के इन अंशो को पढ़कर आपके मन में मनुष्य के प्रति क्या धारणा बनती है?

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Question

'आदमी नामा' शीर्षक कविता के इन अंशो को पढ़कर आपके मन में मनुष्य के प्रति क्या धारणा बनती है?

Short/Brief Note
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Solution

'आदमी नामा' शीर्षक कविता के अंशों को पढ़कर हमारे मन में मनुष्य के प्रति यह धारणा बनती है कि उसकी प्रवृति केवल अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करना ही है लेकिन कुछ लोग परोपकारी भी हैं। कुछ दूसरों की मद्द करके खुशी महसूस करते हैं तो कुछ अपमानित करके खुश होते हैं। कुछ मनुष्य अच्छे हैं तो कुछ बुरे। अत: मनुष्य भाग्य और परिस्थितियों का दास है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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ज्यों

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नहिं

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कोय

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धनि

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आखर

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जिय

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थोरे

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होय

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माखन

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तरवारि

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सींचिबो

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मूलहिं

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पिअत

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पिआसो

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बिगरी

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आवे

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सहाय

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ऊबरै

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बिनु

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परिजाय

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