Advertisements
Advertisements
Question
कुछ मनुष्य पशुओं से भी हीन होते हैं। पठित दोहे के आधार पर हिरन के माध्यम से स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
Solution
हिरन शिकारी की आवाज़ सुनकर उसे दूसरे हिरनों की आवाज़ समझ बैठता है और खुश हो जाता है। वह अपनी सुधि बुधि खोकर उस आवाज़ की ओर आकर अपना तन दे देता है परंतु मनुष्य खुश होकर भी दूसरों को कुछ नहीं देता है। इस तरह कुछ मनुष्य पशुओं से भी हीन होते हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'माँग मत', 'कर शपथ', इन शब्दों का बार-बार प्रयोग कर कवि क्या कहना चाहता है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
'एक पत्र-छाँह भी माँग मत' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
इस कविता का मूलभाव क्या है? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए:
प्रथम छंद में वर्णित प्रकृति-चित्रण को लिखिए।
संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए −
अपने पतझर के सपनों का
मैं भी जग को गीत सुनाता
निम्नलिखित उदाहरण में 'वाक्य-विचलन'को समझने का प्रयास कीजिए। इसी आधार पर प्रचलित वाक्य-विन्यास लिखिए :
उदाहरण: तट पर एक गुलाब सोचता
एक गुलाब तट पर सोचता है।
हुई न क्यों मैं कड़ी गीत की
तोते का गीत सुनकर शुकी की क्या दशा हुई ?
न्यायालय द्वारा सुखिया के पिता को क्यों दंडित किया गया?
पिता अपनी बच्ची को माता के प्रसाद का फूल क्यों न दे सका?
सुखिया के पिता के अनुसार, भक्तगण देवी की गरिमा को किस तरह चोट पहुँचा रहे थे?
“मनुष्य होने की गरिमा’ किस तरह नष्ट की जा रहीं थी?
नीचे लिखे शब्दों का उच्चारण कीजिए और समझिए कि किस प्रकार नुक्ते के कारण उनमें अर्थ परिवर्तन आ गया है।
|
राज़ (रहस्य) |
फ़न (कौशल) |
|
राज (शासन) |
फन (साँप का मुहँ) |
|
ज़रा (थोड़ा) |
फ़लक (आकाश) |
|
जरा (बुढ़ापा) |
फलक (लकड़ी का तख्ता) |
ज़ फ़ से युक्त दो-दो शब्दों को और लिखिए।
‘सुनके दौड़ता है सो है वो भी आदमी’ के माध्यम से नज्मकार ने क्या कहना चाहा है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए :
रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।
‘अवध नरेश’ कहकर किसकी ओर संकेत किया गया है? उन्हें चित्रकूट में शरण क्यों लेनी पड़ी?
रहीम ने मूल को सींचने की सीख किस संदर्भ में दी है और क्यों?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए :
दूसरे पद में कवि ने 'गरीब निवाजु' किसे कहा है? स्पष्ट कीजिए।
